मुंबई। विदर्भ के हिवरा आश्रम में स्थित स्वामी विवेकानंद आश्रम है। संत शुकदास महाराज, महान त्यागी श्री रतनलाल जी मालपानी सर एवं टीम ने सामाजिक विकास हेतु इस आश्रम की स्थापना की । आज यहां लाखों विद्यार्थी स्कूल एवं विविध विषयों के महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं ।यहां आवास निवास एवं दिव्यांग जनों के लिए, जरूरतमंदों के लिए मुफ्त शिक्षा भी उपलब्ध है। विशेष यह की हिंदुत्व को दुनिया में पहचान दिलाने वाले स्वामी विवेकानंद जयंती त्रि दिवसीय कार्यक्रम यहां बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। शोभा यात्रा, भजन, कीर्तन, प्रवचन, महाप्रसाद से लाखों भाविक लाभ लेते हैं।
ऐसी पुनीत पावन भूमि पर तेरापंथ एकादशम युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी का विशेष आगमन हुआ। 2 जून 2024 को इस विशाल प्रांगण में गुरुदेव के उद्बोधन से 9 जिलों के सैकड़ो शिक्षकों को प्रेरणा पाथेय प्राप्त हुआ। तत्पश्चात मुनि आलोककुमारजी, मुनि योगेशकुमारजी, मुनि चिन्मयकुमारजी ने संपूर्ण दिवस जीवन विज्ञान कार्यशाला में मार्गदर्शन किया। साध्वी प्रमुखाश्री विश्रुतविभाजी एवं साध्वी साध्वीवर्याश्री संबुद्धयशाजी ने प्रेरक अनमोल मार्गदर्शन किया । हेमलता मुनोत गति 35 वर्ष से शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी है। उनके महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद के साथी राज्य अध्यक्ष श्री कङू सर, राज्य कार्यवाह बोनकिले सर, विभाग कार्यवाह चौथवे सर, ज्येष्ठ मार्गदर्शक अवचार सर आदि ने शिक्षको की उपस्थिति हेतु परिश्रम किया ।
जीवन विज्ञान पाठ्यक्रम को हर विद्यार्थियों तक पहुंचाने के सरलतम साधन स्कूल, शिक्षक एवं शिक्षा विभाग है । जीवन विज्ञान की शिक्षा से विद्यार्थियों में प्रमाणिकता, क्षमा, समन्वय, करुणा, सह अस्तित्व, संतुलन, इन गुणों का विकास होगा । मानसिक, भावनात्मक, संवेदना, संस्कार, इन चतुष्कोणीय गुणों का विकास होगा । छात्र जीवन उन्नत होगा। मजबूत प्रजातंत्र, संस्कारित एवं निस्वार्थ मानवता युक्त नागरिक राष्ट्र के भविष्य को उज्वल बनाएंगी । उच्च कोटि की राष्ट्रीय भावना जीवन विज्ञान की रोशनी से जन जन को आलोकित करती रहेगी।इस पवित्र कार्य हेतु आप रात दिन श्रम करती रहती हो। इसी भावना एवं राष्ट्रभक्ति से मुग्ध हो स्वामी विवेकानंद आश्रम ट्रस्ट द्वारा सौ. हेमलता दिलीपसिंग मुणोत को सम्मान पत्र, शाल, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
जीवन विज्ञान क्षेत्र में विशेष कार्य हेतु सौ. हेमलता दिलीपसिंग मुणोत को किया सम्मानित

