यूपी ब्यूरो, जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जफराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत नेवादा हाईवे अंडरपास के पास 25 मई 2025 की रात एक सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। इस क्रूर वारदात में एक दलित परिवार के तीन सदस्यों पिता लालजी गौतम और उनके दो बेटों, गुड्डू कुमार और यादवीर की हथौड़े और रॉड से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह घटना ‘लालजी बिल्डिंग वर्क्स’ नामक एक वर्कशॉप में हुई, जहां हमलावरों ने न केवल हत्या को अंजाम दिया, बल्कि साक्ष्य नष्ट करने के लिए दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी उखाड़ ले गए। इस मामले में भीम आर्मी चीफ एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि यह जघन्य हत्याकांड 25 मई की देर रात को अंजाम दिया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि हमलावरों ने भारी हथियार, जैसे हथौड़ा और रॉड, का इस्तेमाल कर तीनों व्यक्तियों के सिर पर वार किए। मृतकों की पहचान लालजी गौतम (पिता), गुड्डू कुमार, और यादवीर (उनके दो बेटे) के रूप में हुई। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पाया कि हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया और सीसीटीवी डीवीआर को हटाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही जौनपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. कौस्तुभ मौके पर पहुंचे और क्षेत्र को सील कर जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में आठ विशेष टीमें गठित की हैं, जो हत्यारों की तलाश में जुटी हैं। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आपसी रंजिश या किरायेदारी विवाद से जोड़ा है, और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक बसपा नेता और उनके दामाद का नाम सामने आया है।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जफराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत नेवादा हाईवे अंडरपास पर एक दलित परिवार के तीन सदस्यों — पिता और दो बेटों — की हथौड़े से सिर कुचलकर बर्बर हत्या कर दी गई।
यह घटना अत्यंत दुखद और दण्डनीय होने के साथ-साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विफलता और दलितों की…
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) May 28, 2025
भीम आर्मी के चीफ व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद सहित अन्य दलित संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आजाद ने मांग की है कि सभी हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए तथा आरोपियों के खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम और BNSS की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवज़ा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, और स्थायी सुरक्षा दी जाए तथा लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
नेवादा अंडरपास और आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद तनाव व्याप्त है। स्थानीय लोग डर के साये में जी रहे हैं, और कई लोग इस क्रूर हत्याकांड के पीछे के कारणों को समझने के लिए प्रशासन से पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। यह घटना न केवल जौनपुर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और दलित समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

