जालना। आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी श्री निर्वाणश्रीजी के सानिध्य में शासन श्री साध्वी श्री राम कुमारी जी की स्मृति सभा मनाई गई । साध्वी श्री जी ने अपने जी ह्रदयोद्गगार व्यक्त करते हुए कहा– साध्वी श्री राम कुमारी जी का वात्सल्य मुझे बचपन से प्राप्त हुआ। मैं जब – जब उसके साथ रही । उन्होंने विशेष आत्मीयता का भाव रखा। वे तेरापंथ धर्मसंघ की एक कलाकार साध्वी थी । उन्होंने अपनी इस प्रतिभा का नाना रूपों में उपयोग किया ।मुख्य रूप से पूज्यप्रवर के आहारार्थ उपयोग में आने वाली ताशको के निर्माण में वे दक्ष थी।उनके जाने से एक कलाकार साध्वी का स्थान रिक्त हो गया ।
प्रबुद्ध साध्वी श्री योगक्षेमप्रभाजी ने उनकी समृति करते हुए कहा — कला के क्षेत्र की एक पहचान थी साध्वी राम कुमारी जी । सूक्ष्माक्षर चित्राकंन करने उनकी कोई शानी नहीं थी ।वे प्रकृति से शांत एवं व्यवहार कुशल थी। लंबे समय तक अग्रणी के रूप में विचरण करते हुए उन्होंने साधु समाज एवं श्रावक समाज में अपनी व्यवहार कुशलता की विशेष छाप छोड़ी। वे एक सेवाभावी साध्वी थी ।उन्होंने साध्वी नजरकंवरजी, हुलासांजी एवं साध्वी जतन कुमारीजी की विशेष रूप से सेवा की ।अंतिम समय में जो चोविहार अनशन के साथ प्रयाण कर उन्होंने बैद परिवार के गौरव को बढ़ाया ।
साध्वी लावण्यप्रभाजी, कुन्दनयशाजी,मुदितप्रभाजी, श्रेयसप्रभाजी एवं मधुरप्रभाजी आदि ने गीतमय श्रद्धांजलि उन्हें समर्पित की। लोगस्स ध्यान के साथ स्मृति सभा परिसंपन्न हुई।

जालना में समृति सभाः तेरापंथ की कलाकार साध्वियों में अग्रणी थी शासन श्री साध्वी राम कुमारी जीः साध्वी श्री निर्वाणश्रीजी

