कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान धनवन्तरी का जन्म हुआ इसलिए इस दिन को धनतेरस को रूप में मनाया जाता है। धनतेरस को धनवन्तरी जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन ही समुद्र मंथन में मां लक्ष्मी का भी प्राकट्य हुआ। इसीलिए धनतेरस को लक्ष्मी पूजा करने और सोना चांदी खरीदने की परंपरा है। इस बार त्रयोदशी तिथि यानी धनतेरस 5 नवंबर है। वैसे तो त्रयोदशी तिथि 4 नवंबर को रात से ही लग जाएगी, लेकिन सूर्योदय की तिथि 5 नवंबर को इसलिए इस बार 5 नवंबर को धनतेरस मनाया जाएगा। 5 नवंबर को सूर्योदय से रात 11:17 बजे तक है।
धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त
सुबह 10:30 बजे से 1:30 तक
शाम 7:30 बजे से 9 बजे तक।
धनतेरस को धनिया खरीदना है सबसे शुभ –
धनतेरस के मौके पर ज्यादातर लोग सोना -चांदी या बर्तन खरीदते हैं, लेकिन यह बहुत ही कम लोगों को पता है कि आज के दिन धनिया के बीज(खड़ा धनिया) खरीदना अत्यंत ही शुभ होता है। धनिया को संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए धनतेरस को थोड़ी सी धनिया जरूर खरीदें।
पूरे साल नहीं होगी पैसों की कमी-
माना जाता है कि धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी को धनिया अर्पित करने और भगवान धनवन्तरी के चरणों में धनिया चढ़ाने के बाद उनसे प्रार्थना करें जो हम मेहनत करें तो उसका फल मिले। ऐसा करने के बाद मेहनत करने वालों को पूरे साल तरक्की मिलती है। और जेब कभी भी पैसों से खाली नहीं रहती। पूजा के बाद आप धनिया को कुछ लोगों में प्रसाद के रूप में भी वितरित कर सकते हैं।
(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
इस धनतेरस मां लक्ष्मी को चढ़ाएं ये चीज, पैसों से भरी रहेगी जेब, पूरे साल मिलेगी तरक्की!

