नई दिल्ली:आमलोगों को बजट में इनकम टैक्स के मोर्चे पर निराशा हाथ लगी। इस बात की उम्मीद की जा रही थी कि इनकम टैक्स में छूट के दायरे को बढ़ाया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सालाना 5 लाख रुपए तक की वार्षिक आमदनी वालों को कोई टैक्स नहीं होगा। हालांकि सरकार ने 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक और 5 करोड़ रुपये एवं उससे अधिक की कर योग्य आमदनी वाले उच्च आय वर्ग के लोगों के लिए प्रभावी कर दरों को क्रमश: 3 व 7 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव किया है।
कॉरपोरेट टैक्स में बदलाव
कंपनी कर या कारपोरेट टैक्स की 25 प्रतिशत न्यूनतम दर को 400 करोड़ रुपए तक वार्षिक कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए लागू किया जाएगा। फिलहाल, 250 करोड़ रुपए तक वार्षिक कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए यह दर लागू है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 99.3 प्रतिशत कंपनियां इसमें शामिल होंगी। अब केवल 0.7 प्रतिशत कंपनियां ही इस दर से अलग होंगी।
किफायती आवास के लिए ब्याज की अतिरिक्त कटौती
किफायती आवास को और ज्यादा बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत वित्त मंत्री ने 45 लाख रुपए तक की कीमत वाले किफायती आवास की खरीद के लिए 31 मार्च, 2020 तक उधार लिए गए ऋणों पर अदा किए गए ब्याज के लिए 1,50,000 रुपए तक की अतिरिक्त कटौती की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। अत: किफायती मकान खरीदने वाले व्यक्ति को अब 3.5 लाख रुपये तक की बढ़ी हुई ब्याज कटौती मिल पाएगी। इससे मध्यम वर्ग के मकान खरीदारों को 15 वर्षों की अपनी ऋण अवधि के दौरान लगभग 7 लाख रुपए का लाभ मिलेगा।
प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी) में राहत
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में प्रतिभूति लेन-देन कर में राहत देने का प्रस्ताव रखा जिसके तहत इसे विकल्पो पर अमल के मामले में केवल निपटान एवं स्ट्राइक प्राइस के बीच के अंतर तक ही सीमित कर दिया गया है।
गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए समान अवसर
भारत की वित्तीय प्रणाली में एनबीएफसी की बढ़ती भूमिका को ध्यान में रखते हुए इन्हें समान अवसर प्रदान करने के लिए वित्त मंत्री ने उसी वर्ष के दौरान डूबत अथवा संशयात्मक ऋणों पर देय ब्याज पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है जिस साल यह वास्तव में प्राप्त हुआ था। मौजूदा समय में यह सुविधा अनुसूचित बैंकों, सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों, राज्यों के वित्तीय निगमों, राज्यों के औद्योगिक निवेश निगमों, सहकारी बैंकों और कुछ विशेष सार्वजनिक कपंनियों जैसे कि आवास वित्त कंपनियों को प्राप्त है।
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र (आईएफएससी) को बढ़ावा देने के लिए उपाय
वित्त मंत्री ने गिफ्ट सिटी स्थित आईएफएससी को बढ़ावा देने के लिए आईएफएससी को और भी कई प्रत्यक्ष कर प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा है। 15 वर्षों की अवधि के अंतर्गत 10 वर्षों के किसी भी खंड में धारा 80-एलए के तहत 100 प्रतिशत मुनाफा संबंधी कटौती भी इन प्रोत्साहनों में शामिल है।

