थकान महसूस होने या कमजोरी लगने पर लोग अक्सर हेल्थ सप्लिमेंट्स ले लेते हैं। टीवी पर हेल्थ सप्लिमेंट्स के एड भरे पड़े हैं। मगर डॉक्टर अपना खानपान सुधारने या वर्कआउट करने की सलाह देते हैं। आपको लगता है कि जो विटामिन या मिनरल हम खा नहीं पाते हैं, उन्हें गोलियों के रूप में लेने में हर्ज ही क्या है। और सबसे ज्यादा नुकसान करती है यह सोच कि फायदा नहीं करेगा तो कोई नुकसान भी नहीं होगा। हाल ही में हुए एक रिसर्च में आपकी इस परेशानी का हल निकालने की कोशिश की गई है।
इस रिसर्च के सह लेखक जॉन हॉपकिन्स स्कूल ऑफ मेडिसिन में Associate Professor of Medicine in Cardiology डॉक्टर एरिन मिकोस ने बताया कि गोलियों के रूप में लिए जाने वाले ज्यादातर विटामिन न तो असमय मृत्यु के खतरों को कम करते हैं और न ही दिल की सेहत को बेहतर बनाते हैं। यह अध्ययन पिछले महीने Annals of Internal Medicine में प्रकाशित किया गया था। यह अध्ययन दरअसल विटामिन, मिनरल और अन्य सप्लिमेंट्स का हमारे दिल की सेहत पर पड़ने वाले असर पर किया गया था।
शोधकर्ताओं का कहना है कि विटामिन सप्लिमेंट्स का दिल की सेहत या उम्र में इजाफा (lifespan) करने में कोई योगदान नहीं होता है। समझा जा रहा है कि इस शोध का अरबों डॉलर की सप्लिमेंट इंडस्ट्री पर व्यापक असर होगा। इस शोध पत्र में दिल की सेहत पर खानपान और सप्लिमेंट्स के प्रभाव का अध्ययन अलग-अलग रैंडम क्लीनिकल ट्रायल के जरिये किया गया। नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन में चीफ ऑफ इंटर्नर मेडिसिन एंड जेरियाट्रिक्स में डॉक्टर जेफरी लिंडर को इस अध्ययन के नतीजों से जरा भी अचंभा नहीं हुआ।
उनका कहना है कि इस रिसर्च के नतीजों से उस सोच पर मुहर लगी है, जिसके मुताबिक अच्छी डाइट का कोई विकल्प नहीं है। जब भी कोई अहम तत्व खाने के जरिये और सप्लिमेंट के रूप में लेने के बीच तुलना की गई है, तो खाने के जरिए लिए जाने वाले तत्वों ने हमेशा बाजी मारी है। लिंडर कहते हैं भोजन हमारे शरीर की विटामिन और मिनरल दोनों की जरूरतों को पूरा करते हैं क्योंकि हमारी बॉडी उन्हें अवशेषित करने के लिए ही बनाई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना स्पष्ट निर्देशों के लोग न सिर्फ अपने पैसे बरबाद करते हैं, बल्कि कई मामले ऐसे भी हुए हैं जब ये सप्लिमेंट्स सेहत पर भी भारी पड़े हैं। इस अध्ययन में यह तो कहा गया है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड के सप्लिमेंट्स हार्ट अटैक रोकने में मदद करते हैं। दूसरी तरफ कैल्शियम और विटामिन डी साथ लेने से स्ट्रोक के बढ़ते खतरों के लिए सतर्क भी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना कि दिल की सेहत दुरुस्त रखने के लिए ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाने चाहिए। इसके साथ ही स्मोकिंग से दूर रहना चाहिए और रेगुलर एक्सरसाइज करना चाहिए।
हेल्दी डाइट और वर्कआउट का विकल्प नहीं हैं विटामिन सप्लिमेंट

