बिआरित्ज:फ्रांस में जी-7 देशों के नेताओं की बैठक में हांगकांग की स्वायत्तता का समर्थन किया गया जो ब्रिटेन और चीन के बीच 1984 में हुए एक समझौते में तय हुआ था। साथ ही हांगकांग में शांति की अपील की गई जहां लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। फ्रांस के बिआरित्ज शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन के समापन पर जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, “जी-7 हांगकांग पर 1984 के चीन-ब्रिटेन समझौते के अस्तित्व और महत्व की पुष्टि करता है और हिंसा से बचने का आह्वान करता है।”
हांगकांग में बीजिंग समर्थित सरकार द्वारा प्रत्यर्पण विधेयक को पारित कराने के प्रयास के विरोध में दो महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन जारी हैं। विधेयक के विरोधी इसे हांगकांग की स्वायत्तता में एक बड़ी सेंध मान रहे हैं। पुलिस ने सोमवार को “बेहद हिंसक प्रदर्शनकारियों” को तितर-बितर करने के लिये पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
वहीं दूसरी ओर, हांगकांग में प्रदर्शनकारियों की ओर से रविवार रात अधिकारियों पर लाठियों और लोहे की छड़ों से हमले किए जाने के बाद प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक प्रस्तावित प्रत्यर्पण विधेयक के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों का दायरा हाल ही में तब और व्यापक हो गया जब लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के जरिये बीजिंग समर्थक सरकार को इसमें निशाना बनाया जाने लगा।
प्रदर्शनकारी पिछले तीन महीनों से सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं और इस दौरान कई बार उनके प्रदर्शन ने हिंसक रुख भी अख्तियार किया। सुएन वान जिले में एक निकटवर्ती खेल स्टेडियम में रविवार को प्रदर्शनकारियों की एक रैली हुई। बारिश के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने इस रैली में हिस्सा लिया। वहीं कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस को रोकने के लिए सड़क पर अस्थायी अवरोधक लगा दिए।
हांगकांग की स्वायत्तता को मिला जी-7 देशों का साथ

