नई दिल्ली। इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के कारण ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत व्यापक कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 517 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। शुक्रवार देर रात अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान से एक विशेष निकासी उड़ान नई दिल्ली में 03:00 बजे उतरी, जिसमें भारतीय नागरिकों को वापस लाया गया।
विदेश मंत्रालय ने ईरान में फंसे भारतीयों, खासकर छात्रों, को निकालने के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया है और हेल्पलाइन नंबर (+98 901044557, +98 9015993320, +91 8086871709) जारी किए हैं। ईरान ने भारत के अनुरोध पर जमीनी सीमाओं को खुला रखने का आश्वासन दिया है, जिससे आर्मेनिया, अजरबैजान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाओं के रास्ते निकासी संभव हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान में करीब 10,000 भारतीय हैं, जिनमें 1,500 से अधिक छात्र शामिल हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर के। भारतीय वायुसेना सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130जे विमानों के साथ निकासी के लिए तैयार है। मशहद से चार्टर्ड उड़ानों की व्यवस्था की गई है, और शुक्रवार रात पहली उड़ान दिल्ली पहुंची।
17 जून को 110 छात्रों को उर्मिया से आर्मेनिया सीमा के जरिए निकाला गया, जो येरेवन से विशेष उड़ान द्वारा दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आर्मेनिया और यूएई के समकक्षों से बातचीत कर निकासी प्रक्रिया को सुगम बनाया है।
छत्तीसगढ़ के एक परिवार ने अपनी बेटी और उसके परिवार को सुरक्षित लाने के लिए पीएम मोदी से अपील की है, क्योंकि युद्ध के बीच संपर्क टूट गया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पुष्टि की कि भारत सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।
भारतीय दूतावास ने नागरिकों से सतर्क रहने, अनावश्यक आवागमन से बचने और दूतावास के सोशल मीडिया हैंडल्स को फॉलो करने की सलाह दी है। सरकार का कहना है कि सभी भारतीय सुरक्षित घर पहुंचें।
ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ में तेजी, भारत सरकार अलर्ट

