डोंबिवली। सभा भवन में 10 अगस्त को शासन श्री साध्वीश्री सोमलताजी एवं साध्वीवृन्द के सानिध्य में Connection with Food Science कार्यशाला रखी गई। कार्यक्रम की शुभ शुरुआत नमस्कार महामंत्र से की गई,
महाप्रज्ञ अष्टकम से मंगलाचरण किया गया। संयोजिका मधु कोठारी ने स्वागत भाषण दिया।
साध्वीश्री सोमलताजी ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य में कहा- इन्द्रियों को अंतर्मुखी बनाने के लिए शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, व्याधियो से मुक्त होने के लिए भोजन का संयम करना जरुरी है। आगमो में अनेक स्थलो पर परिमित भोजन का संकेत किया है। कम खाना स्वास्थ्य और दीर्घायु का सरल उपाय है। आजकल लोग अनेक प्रकार के जंग food जैसे बरगर, पिज्जा, नूडल्स आदि भोज्य वस्तुओं का उपयोग करते डॉक्टर के घर अधिक जाते है। दूसरी बात अधिक मात्रा मे भोजन करने से पाचन तंत्र को भोजन पचाने में बडी कठिनाई होती है। फलस्वरूप पेट संबंधी अनेक प्रकार की बीमारियां होती है। इसलिए स्वस्थ जीवन जीने के लिए आलस्य दुर करने के लिए मानसिक प्रसन्नता बनाए रखने के लिए हित, मित, सात्विक् आहार करना चाहिए।
प्रमुख वक्ता डाइटीशियन ईशा कानडे ने शुद्ध भोजन कब किस तरह लेना चाहिए। उसके बारे मे बताया उन्होंने भोजन के सभी महत्वपूर्ण तत्वों के बारे में बताया जैसे कार्बोहाइड्रेट फैट्स, प्रोटीन, विटामिन, मिनिरल्स और पानी उन्होंने ये भी बताया कि कैसे हम लोह का शोषण बढ़ा सकते है, कोनसी ऋतु में क्या खाना चाहिये, अंत मै कहा की कैसे किस भोजन को चुनाव करे ताकि डायजेशन अच्छी तरह से हो।
Dr. निकिता इटोदिया ने कहा कि केसे हम अच्छा भोजन करके बीमारियां होने से बच सकते है उन्होंने आज हो रही लाइफ disorder के बारे मे बताया जैसे thyroid, mobility, diabetes और B.P. इन सारी बीमारियों में किस तरह का भोजन करे और इन बीमारियों से छुटकारा पाए Dr. Isha का परिचय सुमन कच्छारा ने दिया। महिला मंडल ने स्वस्थ परिवार स्वस्थ समाज पर गीतिका का संगान किया। संचालन सहसंयोजिका रीना हिंगड़ ने किया। आभार सहसंयोजिका अनिता बडाला ने किया। महिला मंडल की अच्छी उपस्थिती रही।
डोंबिवली में Connection with Food Science कार्यशाला का आयोजन

