मुम्बई। साध्वी श्री आणिमाश्रीजी एवं साध्वी श्री मंगलप्रज्ञा जी के सांनिध्य में भगवान नेमिनाथ जैन मंदिर के पुनित स्थल पर जैन स्वयं सेवक मण्डल के तत्वावधान में जैन व साधार्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में सम्पूर्ण जैन समाज के भाई बहन उपस्थित थे। इस अवसर पर बाबूलाल बैद , निरंजन भाई व के.पी सिंघवी द्वारा जीवनोपयोगी आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
साध्वी श्री आणिमाश्रीजी ने अपने प्रेरणादायी उदबोधन में कहा हर व्यक्ति अपने घर परिवार में सुख शांति व आनंद की प्राप्ति हेतु निरन्तर भाग दौड़ कर रहा है। सिर्फ कल्पना के महासागर में गोते लगाने से सुख की डिबिया हाथ नही लगेगी। व्यक्ति सुखी तभी रह सकता है, जब उसका स्वभाव सामंजस्य बिठाने वाला हो परिवार व समाज के बीच जीने वाले व्यक्ति को अपनी प्रत्येक प्रवृत्ति में विचार विनिमय सहयोग व आदान प्रदान की आवश्यकता पड़ती है। सबका स्वभाव एक जैसा हो यह संभव नही है। आपसी तालमेल बिठाने एक दूसरे की कमियों को सहने एवं आपसी सामंजस्य की नीति हो व्यक्ति को सफल व सुखी बना सकती है। सहकार सहयोग , सापेक्षता व सामंजस्य सह जीवन को सुखी बनाने के मन्त्र है।
साध्वी श्री मंगलप्रज्ञा जी ने कहा अगर व्यक्ति स्वंय का निर्माण करना चाहता है तो उसे अपने सम्पूर्ण जीवन तंत्र को समझना होगा । पुरुषार्थ का हल लेकर ही व्यक्ति अपनी जीवन रूपी खेती मै सफलता के मोती उगा सकता है। सकारात्मक सोच रखने वाला समाज आगे बढ़ सकता है। आज अपने ही जैन भाइयों के बीच मन की बात कहने का अवसर प्राप्त हुआ। जैन स्वंय सेवक मण्डल व बाबूलाल का श्रम सार्थक हुआ है।
साध्वी कर्णिका श्रीजी, साध्वी सुधाप्रभाजी , साध्वी स्मतव्यशाजी , साध्वी मैत्रीप्रभाजी ने मंगल संगान किया। बाबूलाल ने स्वागत एवं गणपत डागलिया ने आभार ज्ञापित किया। हंसमुख भाई ने संचालन किया। महाराष्ट्र कांग्रेस की महामंत्री सुमन अग्रवाल, बीजीपी प्रवक़्ता शायना एन सी , नारी चेतना जागरण मंच से प्रेरणा सिरोहिया नूतन ग्रुप समीर भाई , मुकेश भाई, भंवरलाल डागलिया, एस के सुराणा,आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ ने दी।
दक्षिण मुंबई मे साधर्मिक सहकार आगे बढ़े समाज सम्मेलन का आयोजन

