मुंबई। तेरापंथ धर्मसंघ के अधिशास्ता परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या शासनश्री साध्वी श्री कंचनप्रभाजी ने युवाचार्य वर्धापना समारोह में धर्म सभा को प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा – भगवान् महावीर की, वाणी में कषाय विजय की साधना का बहुत बड़ा मूल्य है। जहा मुनि कषाय अर्थात क्रोध, अभिमान, पदलिप्सा एवं प्रतिष्ठा आदि की कामनाओ पर विजय प्राप्त कर लेता है, उसे सब कुछ मिल जाता है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है – तेरापंथ धर्म संघ । हमने देखा मुनि महावीर को, जिन्हें आचार्य श्री महाश्रमणजी ने युवाचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया । वे आगम वाणी के गहन मर्मज्ञ थे, श्रुताराधक थे, पर उनकी अनुशासित जीवन शैली, सेवा भावना आदि ने उनको स्पृहा वृत्ति को सहज नियन्त्रित किया, यह वर्तमान युग की कठिनतम साधना है।
शासन श्री साध्वी मंजुरेखाजी ने कहा- तेरापंथ धर्म संघ में आचार्य परम्परा में एक गुरु की आज्ञा में पूरा धर्म संघ निश्चिंतता एवं अपूर्व समाधि का अनुभव करता है। हमने प्रत्यक्षदर्शी होकर देखा कि आचार्य श्री तुलसी एवं आचार्य की महाप्रज्ञजी ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा की । उसी पावन परम्परा में आचार्य श्री महाश्रमणजी ने मुनि महावीर, कुमार को युवाचार्य पदपर अलंकृत किया । इस नियुक्ति पर लगभग ८०० साधु साध्वी नत मस्तक थे । मुनि महावीर कुमार जी की श्रुताराधना, विनय, विवेक, व्यवहार सहिष्णुता अनुकरणीय है। साध्वी उदीतप्रभाजी, साध्वी निर्भयप्रभाजी एवं साध्वी चेलनाश्री जी ने भक्ति प्रणत विचार रखे एवं सामूहिक गीत के द्वारा युवाचार्यवर की अभिनंदना की मंगलाचरण दक्षिण मुंबई के श्रावक समाज ने किया।
आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के मंत्री श्री लक्ष्मीलाल डागलिया, श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा दक्षिण मुंबई के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र डागलिया , प्रतिमाधारी श्री डालचंद जी कोठारी , श्रीमती चेतना पारिक तेयुप के पूर्व अध्यक्ष नितेश धाकड़ ने युवाचार्य के प्रति अभिवंदना मंगलकामना प्रेषित की दादर महिला मंडल ने गीतिका की प्रस्तुति दी फाउंडेशन के पूर्व अध्यक्ष किशनलाल डागलिया, कार्याध्यक्ष गणपतलाल डागलिया रमेश मेहता दिनेश धाकड़ चंपासा डागा आदि विशेष उपस्थित थे।
सभा के मंत्री पवन बोलिया ने संचालन किया एवं आभार ज्ञापन तेरापंथ युवक परिषद से दीपक कछारा ने किया यह जानकारी नितेश धाकड़ एवं दर्शन डागलिया ने दी।
दक्षिण मुंबई में युवाचार्य अभिनंदना समारोह का आयोजन

