मुम्बई। दक्षिण मुम्बई स्थित महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल कालबादेवी के विशाल प्रांगण के आचार्य तुलसी सभागृह में चतुरमसार्थ विराजित आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासनश्री साध्वी कैलाशवती जी आदि ठाणा-5 के सानिध्य में महासती अंजना परिसंवाद का शानदार कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति रही।शासनश्री साध्वी कैलाशवती जी ने – महासती के अंजना के जीवन पर प्रकाश डालते हुए शील, धर्म, सत्य की महत्ता पर प्रकाश डाला और उनके जीवन से लोगों को शिक्षा लेने हेतु प्रेरित किया। साध्वीश्री पंकजश्री,साध्वी ललिता श्रीजी,शारदा प्रभाजी,साध्वी श्री सम्यक्तवयशाजी द्वारा किये गए श्रम का उल्लेख किया।
साध्वी पंकजश्री जी ने सभी कार्यकर्ताओं के श्रम की भूरि-भूरि प्रसंशा करते हुए कहा-अभी आप जो परिसंवाद देखने जा रहें हों उसके पीछे सेवा , समर्पण, संयम का बलिदान बोल रहा है।जो व्यक्ति गुरु इंगित अनुसार अपने चरण बढ़ाता है वह ऊंचाइयों को छू लेता है। अंजना परिसंवाद से प्रेरणा मिलती है हर परिस्थिति में धर्म पर दृढ़ रहना चाहिए।
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत दक्षिण मुम्बई महिला मंडल की संयोजिका सुमन कावड़िया द्वारा मंगलाचरण के जरिये हुई। स्वागत भाषण तेयुप दक्षिण मुम्बई के अध्यक्ष पवन बोलिया ने किया। दक्षिण मुम्बई कन्या मंडल ने सुंदर प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम से पूर्व महासभा के पूर्व अध्यक्ष एवं आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के अध्यक्ष किशन जी डागलिया ने परिसंवाद देखने आए सभी लोगों का स्वागत किया। महिला मंडल को इस आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए युवक परिषद की प्रशंसा की साध्वी पंकजश्री के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की तैयारियों और परिसंवाद को मूर्तरूप देने वालों में तेयुप दक्षिण मुम्बई के अध्यक्ष पवन बोलिया, उपाध्यक्ष नितेश धाकड़, देवेंद्र डागलिया, अशोक बरलोटा, मंत्री राहुल मेहता, कोषाध्यक्ष अशोक धींग, उत्सव धाकड़ ने प्रमुख भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के अध्यक्ष किशन डागलिया, तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्षा भाग्यश्री कच्छारा, तेरापंथी सभा के उपाध्यक्ष गणपत डागलिया आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस परिसंवाद में किरदार निभाने वाले इस प्रकार रहे – प्रथम राजा – पुष्पा कच्छारा- प्रीति डागलिया (रानी), द्वितीय राजा लतिका डागलिया – वंदना वागरेचा (रानी), वसंतमाला – पूजा राठौड़, मंत्री – रेखा कच्छारा, सखी – वनिता धाकड़, वंशिका कच्छारा, रेखा एम बरलोटा, कविता ओस्तवाल, देवता – सौरभ बरमेचा, मुनिश्री -सविता कच्छारा ,मामा – तृतिया राजा – भावना वागरेचा, दूत – रीना राठौड़, ज्योतिषी- शीतल डागलिया, सेवक- नूतन सोनी, कनक – राखी राठौड़, शेर – अर्थ राठौड़, मामी- जयश्री वागरेचा, दासी – क्रिशा सोनी, पवंजय – रेणु बोलिया, अंजना – रेखा ए बरलोटा, परिसंवाद का सूत्र संचालन – राजश्री कच्छारा ने किया।
इस परिसंवाद को सफल बनाने में आचार्य महाप्रज्ञ विद्या निधि फाउंडेशन से किशनलाल डागलिया,मूलचंद वागरेचा, गणपतलाल डागलिया, मिठालाल शिशोदिया, रमेश मेहता, लक्ष्मीलाल डागलिया, सुरेश डागलिया, नरेंद्र पोरवाल,चम्पासा डागा,भरत धाकड़,तेरापंथ युवक परिषद से देवेंद्र डागलिया, पवन बोलिया,नितेश धाकड़,अशोक बरलोटा,राहुल मेहता,कमलेश कच्छारा,प्रदीप ओस्तवाल,अशोक धींग, पूरण क्षय चपलोत,उत्सव धाकड़,दीपक सुराणा, तेरापंथ महिला मंडल संयोजिका रेणु डागलिया, सुमन कावड़िया, उर्मिला कच्छारा, सह सयोजिका रुक्मण कच्छारा, श्वेता सुराणा, गुंजन सुराणा, वीरे इवेंट से जितेश ढालावत, विक्की मेहता, रक्ष मेहता, प्रभाकर सर, नितिन, कृष्णा, अर्जुन, रामु का श्रम रहा। आभार ज्ञापन पुष्पा कच्छारा, रेणु डागलिया,रुक्मण कच्छारा ने किया।
दक्षिण मुम्बई में महासती अंजना परिसंवाद का शानदार आयोजन, उमड़े लोग

