मुंबई। परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या शासन श्री साध्वी श्री कंचनप्रभाजी शासन श्री साध्वी श्री मंजुरेखा जी आदि ठाणा 5 की प्रेरणा से दक्षिण मुंबई का तेरापंथ श्रावक समाज संवत्सरी महापर्व के पश्चात खमत खामणा करने सर्वप्रथम विलेपार्ले में विराजित शासन श्री साध्वी श्री राकेश कुमारी जी ठाणा4 के पहुंचे।
वहाँ से कांदीवली राजभवन में विराजित शासन श्री साध्वी श्री विद्यावती जी ठाणा5 के दर्शन कर ठाणे में विराजित मुनि श्री कुलदीप कुमार जी ठाणा 2 के दर्शन किये ।



वहां से वाशी में विराजित शासन श्री साध्वी श्री शिवमाला जी ठाणा3 एवं चेम्बूर विराजित साध्वी श्री निर्वाण श्री जी ठाणा 6 से खमत खामणा किए किशनलाल डागलिया, गणपतलाल डागलिया, देवेंद्र डागलिया, रवि दोशी, बंसीलाल जैन, उत्सव जैन, मांगीलाल धाकड़, चांदमल कोठारी, अभय कोठारी, नितेश धाकड़, दिनेश धाकड़, कमलेश कच्छारा, सुखलाल सिंयाल, पीयूष श्रोफ, चन्द्रप्रकाश मादरेचा, प्रकाश चपलोत, बिमल गिरिया, नवीन निमजा, निलेश निमजा, राजू सेठिया, सुमीत सुराणा, मनोज झाबक, दीपेश बोराणा, पुखराज लोढ़ा, रणजीत कोठारी, कुंदनमल धाकड़, पराग जवेरी, सुमेर सुराणा, मोहन निमजा, सुजीत जवेरी, वीरेंद्र निमजा, पूजा दोशी, निर्मला जैन, कमला धाकड़, मीना सुराणा, पिंकी कोठारी, मेघा कोठारी, पद्मा जैन, रेखा कच्छारा, संगीता निमजा, अनिता मेहता, अमिता राठौड़, शर्मिला धाकड़, लतिका डागलिया, निर्मला सिंयाल, प्रमिला चपलोत, सुनीता गिरिया, भगवती डागलिया, सुमन बैद, नीना सेठ, कमला डागलिया, दीपा झवेरी, राखी चोरड़िया, राजु देवी सुखानी, कल्पना सेठ, पूजा सुराणा, सविता निमजा, सारीका बोथरा, फूलीबाई चोरड़िया, कस्तूर डागलिया, मनहोर देवी डागलिया आदि उपस्थित थे यह जानकारी दर्शन डागलिया ने दी।

