नई दिल्ली:सब्जियां और खाने-पीने की चोजों की आसमान छूती कीमतों की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति दर यानी खुदरा महंगाई दर दिसंबर 2019 साढ़े पांच साल के उच्चतम स्तर 7.35 प्रतिशत पर पहुंच गई। खाद्य पदार्थों की खुदरा महंगाई दर भी छह साल से ज्यादा के उच्चतम स्तर 14.12% पर रही। मोदी सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका है, जब खाने-पीने की चीजों के दाम इस कदर बढ़े हैं।
खुदरा महंगाई दर लगातार पांचवें महीने बढ़ी है। पिछले साल दिसंबर का इसका स्तर जुलाई 2014 के बाद सर्वाधिक है। खाद्य खुदरा महंगाई की दर लगातार 10 वें महीने बढ़ी है और लगातार दूसरे महीने यह दर दहाई अंक में रही है। नवंबर 2019 में खाद्य खुदरा महँगाई दर 10.01% रही थी। फरवरी 2019 में यह निगेटिव थी। यह एक साल पहले दिसंबर 2018 में यह दर 2.65% निगेटिव रही थी।
खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संतोषजनक स्तर से कहीं अधिक है। खुदरा महंगाई बढ़ने से रिजर्व बैंक पर अगली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर घटाने का दबाव होगा। केंद्रीय बैंक का सरकार के साथ समझौता है, जिसके तहत खुदरा महंगाई दर 4% के आसपास रखना उसकी जिम्मेदारी है। उसे दीघार्वधि में इसे 4% पर रखना है, जबकि मासिक आंकड़ा दो से छह प्रतिशत के बीच होना चाहिए।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2019 में सब्जियों की महंगाई दर 60.50% पर रही। यानी दिसंबर 2018 की तुलना में पिछले महीने सब्जियों के दाम 60.50% बढ़े। दालों और इनसे बने उत्पादों की महंगाई दर 15.44% रही। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति में उछाल आया है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर, 2019 में 5.54 प्रतिशत और दिसंबर, 2018 में 2.11 प्रतिशत के स्तर पर थी।
सब्जियों और दालों के अलावा मांस-मछली की महंगाई दर पिछले महीने दिसंबर में 9.57 प्रतिशत रही। अंडे के दाम एक साल पहले की तुलना में 8.97% बढ़े। मसाले के दाम में भी 5.76 प्रतिशत की तेजी रही। अनाज और उनके उत्पाद, दूध एवं डेयरी उत्पाद और फलों की महंगाई दर भी 4% से अधिक रही। आवासों की महंगाई दर 4.30% रही। ईंधन और बिजली के दामों में साल-दर-साल आधार पर ज्यादा वृद्धि नहीं हुई और इस वर्ग की महँगाई दर 0.70 प्रतिशत रही। अन्य की श्रेणी में एक साल पहले के मुकाबले दिसंबर 2०19 में सौंदर्य उत्पाद और सेवाएं 6.28 प्रतिशत, परिवहन सेवाएं 4.77 प्रतिशत, मनोरंजन के साधन 4.02 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवाएं 3.80 प्रतिशत और शिक्षा के साधन 3.73 प्रतिशत महँगे हुए।
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दिसंबर 2019 में लोग महंगाई से एक समान परेशान रहे। खुदरा महंगाई की दर ग्रामीण इलाकों में 7.26% और शहरी इलाकों में 7.46% रही। खाद्य खुदरा महंगाई दर ग्रामीण इलाकों में 12.97% और शहरी इलाकों में 16.12% रही।

