नई दिल्ली:राजधानी के मोती नगर इलाके में गुरुवार रात करीब नौ बजे पंखे की एक फैक्टरी में तेज धमाके के साथ कंप्रेशर ब्लास्ट होने की घटना में दो मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें सात लोग मारे गए, जबकि दर्जनों के घायल होने की खबर है। पुलिस ने हादसे में एक नाबालिग समेत सात के मरने की पुष्टि की है, जबकि मलबे से निकाली गई एक महिला समेत दो की अन्य की हालत नाजुक बताई जा रही है। खबर लिखे जाने तक फायर कर्मी राहत व बचाव दस्ते के साथ मलबे के दबे अन्य लोगों को बाहर निकालने की मशक्कत कर रहे थे। फैक्टरी से सटे एक कबाड़ के गोदाम भी कुछ लोग सो रहे थे, जो इमारत ढहने के कारण उसकी चपेट में आ गए।
आशंका जताई जा रही है कि इस इमारत में अभी दर्जनों लोग दबे हों सकते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे फायर कर्मियों ने स्थानीय पुलिस व अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर आठ लोगों को बाहर निकाला और उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जिसमें से छह को मृत घोषित कर दिया गया। घटना मोती नगर इलाके में सुदर्शन पार्क स्थित डी ब्लॉक की है। यहां गुरुवार रात आठ बजकर 48 मिनट पर तेज ब्लास्ट के साथ फैक्टरी भरभरा कर गिरी।
ब्लास्ट पहली मंजिल पर
पुलिस के मुताबिक पहली मंजिल पर तेज धमका होने के कारण छत गिरी और इमारत भरभरा कर गिर गई। इमारत का हिस्सा फैक्टरी से सटे एक कबाड़ के गोदाम में भी जा गिरी, जिससे वहां सो रहे लोग भी दब गए। ब्लास्ट इतना भयंकर था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और अपने-अपने घरों से बाहर निकले तो देखा कि फैक्ट्री भरभरा कर गिर गई है। आसपास धुआं और धुल फैला है और अंदर काम करने वाले लोग जमींदोज हुई इस इमारत में दब गए हैं। इसके बाद घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई।
फैक्टरी मालिक की तलाश
हादसे के बाद जहां फायर विभाग अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्य में जुटा है। वहीं पुलिस ने इस संबंध में लापरवाही बरते जाने का मामला दर्ज करते हुए जांच आरंभ कर दी है। उधर हादसे के बाद से ही फैक्टरी का मालिक फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है। माना जा रहा है कि अवैध तरीके से यह फैक्टरी चल रही थी। बहरहाल पुलिस सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है।
हर घंटे आगजनी की 3 घटनाएं, हर रोज एक मौत, छह होते हैं घायल
राजधानी दिल्ली में आग की घटनाओं में औसतन हर रोज एक शख्स की मौत होती है जबकि छह लोग घायल होते हैं। इसमें गंभीर रूप से घायल से लेकर मामूली रूप से जख्मी होने की घटनाएं शामिल होती हैं। इसके अलावा जो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, वह यह कि दिल्ली में हर घंटे आग लगने की 33 घटनाएं होती हैं।

