पुणे/ ‘नए पुणे के शिल्पकार देवेंद्र फडणवीस’ ऐसे पोस्टर और बैनर पुणे शहर में जगह-जगह लगाए गए हैं, लेकिन उसी पुणे शहर में महिलाओं के खिलाफ लैंगिक अत्याचार बढ़े हैं। जनवरी से मार्च के तीन महीनों में लैंगिक शोषण के 700 मामले सामने आए हैं और रोज एक बलात्कार हो रहा है। ड्रग्स का कारोबार खुलेआम चल रहा है। कोयता गैंग का आतंक बढ़ गया है और गुलटेकड़ी मार्केट यार्ड में गुंडों का हस्तक्षेप बढ़ रहा है। क्या इसके शिल्पकार देवेंद्र फडणवीस हैं? ऐसा तीखा सवाल कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उठाया है।
पुणे महानगरपालिका में कांग्रेस पार्टी के नगरसेवक प्रशांत जगताप की संकल्पना से संविधान चौक, वानवडी में स्थापित 45 मीटर ऊंचे ध्वजस्तंभ के लोकार्पण समारोह तथा कांग्रेस कार्यकर्ता संवाद मेळावे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल उपस्थित रहे और उन्होंने कांग्रेस पार्टी तथा तिरंगा राष्ट्रध्वज के सम्मान के लिए कांग्रेस द्वारा दिए गए योगदान सहित अन्य मुद्दों पर कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस कार्यक्रम में पुणे कांग्रेस शहराध्यक्ष अरविंद शिंदे, पूर्व गृह राज्यमंत्री रमेश बागवे, पूर्व विधायक मोहन जोशी, कोषाध्यक्ष अभय छाजेड, पूर्व विधायक दीप्ती चौधरी, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत नसरापुर, पुणे की 4 वर्षीय पीड़ित बालिका तथा महिला एवं बाल अत्याचार की अन्य पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।
प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि आज दुनिया में एपस्टीन फाइल्स ने तहलका मचा दिया है। कम उम्र के लड़के-लड़कियों के लैंगिक शोषण और उनकी हत्या के मामले इससे सामने आए हैं। यह विकृति का बेहद घिनौना और शर्मनाक रूप है, जिससे पूरी दुनिया में भूचाल आ गया है। दुनिया भर के कई बड़े पदों पर बैठे लोगों ने इस्तीफा दिया है। इसी एपस्टीन फाइल्स में भारत के दो लोगों के नाम हैं – एक केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और दूसरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। जानकारी सामने आई है कि नरेंद्र मोदी इजरायल जाकर नाचे थे। एपस्टीन फाइल्स सामने आने के बाद से नरेंद्र मोदी भारी दबाव में काम कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अचानक युद्धविराम की घोषणा अमेरिका ने की। अमेरिका के दबाव में व्यापार समझौता करना पड़ा। रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदना है, यह अमेरिका भारत को बता रहा है और नरेंद्र मोदी चुप हैं, क्योंकि नरेंद्र मोदी सरेंडर हो चुके हैं। एपस्टीन फाइल्स जैसे बाल लैंगिक शोषण के मामले महाराष्ट्र में भी बढ़ रहे हैं, क्या यह केवल संयोग है? ऐसा सवाल भी सपकाल ने उठाया।
उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के लिए हजारों लोगों ने अपनी छाती पर गोलियां खाईं लेकिन तिरंगे का अपमान नहीं होने दिया। तिरंगे का भगवा रंग त्याग का प्रतीक है। सफेद रंग प्रकाश और सत्य का प्रतीक है, जबकि हरा रंग देश की समृद्धि और हरियाली का प्रतीक है तथा अशोक चक्र गतिशीलता का प्रतीक है। भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन तीनों रंगों के मूल भाव को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। संघ ने तिरंगे का विरोध करते हुए स्वतंत्रता के बाद लगभग 50-55 वर्षों तक अपने कार्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है। हमारी लड़ाई तिरंगे के विरोध में खड़ी काली टोपी और संविधान विरोधी मनुवादी विचारधारा के खिलाफ है, ऐसा भी सपकाल ने कहा। सपकाल ने आगे कहा कि पुणे में 34 हजार करोड़ रुपये की लागत से 54 किलोमीटर लंबे भूमिगत सड़क परियोजना की योजना बनाई गई है। इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। इस परियोजना की घोषणा करते समय कोई जनसुनवाई नहीं की गई और न ही नगरसेवकों को विश्वास में लिया गया। यह परियोजना पुणे में भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत करने वाली है और इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए।
‘देवेंद्र फडणवीस नए पुणे के शिल्पकार’, बनने के बाद पुणे में रोज एक बलात्कार, कोयता गैंग, ड्रग्स और गुंडागर्दी बढ़ी: हर्षवर्धन सपकाल
Highlights
- एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद नरेंद्र मोदी अमेरिका के दबाव में; युद्धविराम, व्यापार समझौते और कच्चे तेल खरीदने के फैसले अमेरिका द्वारा एकतरफा घोषित किए गए।
- जिस तिरंगे के लिए हजारों लोगों ने अपनी छाती पर गोलियां खाईं, वही तिरंगा RSS के कार्यालय पर कई वर्षों तक नहीं फहराया गया।

