नगांव [धुलिया]। युवामनीषी युवातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वीश्री पद्मावतीजी आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में ” गंगाबाई डिफार्मेसी कॉलेज में -डिफार्मेसी छात्राओं के मध्य प्रथम बार शानदार कार्यक्रम आयोजित हुआ। शासन श्री पद्मावती जी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा- हमारा जीवन स्वभाव, व्यक्तित्व, चारित्र कुल का परिचायक है। इन्हें बेहतर बनाने के लिए कोई मार्गदर्शन प्रोत्साहन की आवश्यकता है। संस्कारों का जागरण हो इसलिए जीवन में छोटे -छोटे टिप्स को धारण करने की आवश्यकता। -अभी इस उम्र में सारे स्त्राव चेंज होते रहते हैं तो मन को स्थिर रखें। इस पड़ाव में कभी हम अपने लक्ष्य से भटकें नहीं ।मनुष्य की इच्छाशक्ति किसी भी अवरोध को नकारती है। असंभव को भी संभव कर देती है। डा. साध्वीश्री गवेषणा जी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा – मराठी में एक कहावत है- “मुंला करता मुली बरी धोखा धरा प्रकाश करी ” लड़के की अपेक्षा लड़की अच्छी है वो,देहलीदीपक न्याय की तरह दोनों परिवारों में प्रकाश देती है। संस्कार देती है। जिस घर की नारी आदर्श है वह परिवार भी आदर्श बन जाता है। नेपोलियन बोनपार्ट ने कहा था _ you give a good mother I will give a good nation जीवन के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए नैतिकता, प्रामाणिकता ,व्यसन मुक्त रहना जरूरी है।
साध्वीश्री मंयकप्रभाजी ने अपने वक्तव्य में कहा- कन्या चिड़ियों की चहक , फूलों का महक , संस्कारों की सुगंध होती है। आज लड़कियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। सामाजिक ,धार्मिक ,राजनैतिक ,शैक्षणिक कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। पुरूष के कंधे से कंधा मिला रहा है। इन सब विकास के साथ हम अपने सभ्यता को ,संस्कृति को नही भूलें। साध्वीश्री मेरूप्रभाजी ने सुमधुर गीतिका के साथ अपनी भावना व्यक्त की। इसमें रूपाली गेलडा़ ,तुषार बैदमुथा ,तेयुप अध्यक्ष दिनेश जी सूर्या ,वर्धमान जी बैदमुथा , दयारामजी पाटील भूपेश कहाटुला अध्यक्षा तेममं संगीता सूर्या का सहकार रहा। यह जानकारी संगीता सूर्या ने दी।
छोटे-छोटे टिप्स धारण करें ताकि संस्कारों का जागरण होः साध्वीश्री पद्मावतीजी

