विटामिन A के अत्याधिक सेवन से हड्डियां कमजोर होने का खतरा
विटामिन ‘ए’ के अत्याधिक सेवन से हड्डियों का घनत्व कम हो सकता है…
रोजाना अनानास खाने से तेजी से कम होगा वजन
अपने मिठास व स्वाद के साथ-साथ अनानास स्वास्थ के लिए भी काफी…
वजन घटाना है तो डाइट में इन पांच प्रोटीन से भरपूर फलों को शामिल करें
प्रोटीन को मानवीय शरीर के लिए बहुत ही जरूरी माना जाता है।…
डिप्रेशन से पीछा छुड़ाना है तो खाएं ये चीजें
अगर आप डिप्रेशन से पीछा छुड़ाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपना…
आर्थराइटिस की रोकथाम के लिए चलना-फिरना जरूरी
ऑर्थराइटिस में जोड़ों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण मरीज को चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है।आज की लाइफस्टाइल में लोग बिल्कुल गतिहीन हो गए हैं, जिसका बुरा असर उनके शरीर और हड्डियोंपर पड़ता है। यही वजह है कि आर्थराइटिस (खासतौर पर घुटनों का आर्थराइटिस) महामारी का रूप ले रहाहै। उम्र के साथ होने वाला आर्थराइटिस ऑस्टियोऑर्थराइटिस कहलाता है। भारत में ऑस्टियोऑर्थराइटिसआमतौर पर 55-6० की उम्र में होता है, लेकिन आज कम उम्र में भी लोग आर्थरिटिस और अपंगता काशिकार बन रहे हैं। नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल के डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट के एसोसिएट निदेशकडॉक्टर गौरव राठोर का कहना है कि अक्सर लोग ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस को एक हीसमझ लेते हैं। ऑस्टियोऑर्थराइटिस में जोड़ों में डीजनरेशन होने लगता है, वहीं ऑस्टियोपोरोसिस मेंहड्डियों में मांस कम होने लगता है और हड्डियां टूटने या फ्रैक्चर होने की आशका बढ़ जाती है। ऑस्टियोपोरोसिस को मूक रोग कहा जा सकता है क्योंकि अक्सर सालों तक मरीज को इसका पता ही नहींचलता, जब हड्डियां टूटने लगती हैं, तब इस बीमारी का पता चल पाता है। इसमें मरीज को दर्द तभी दर्द होता है जब फ्रैक्चर हो जाता है।…
शंख बजाने के हैं इतने फायदे, जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान
नवरात्र की शुरुआत के साथ ही घरों में पूजा और आस्था का…
यूं रखें नवरात्र का व्रत, साथ में करें सेहत की भी प्लानिंग
शारदीय नवरात्र शुरू हो चुके हैं। इस दौरान कई लोग व्रत रखते…
ऐसे करें अंबे मां की आरती
नवरात्रि यानी मां के नौ रुपों की उपासना का पर्व। नवरात्र के…
कलश स्थापना करने का सही तरीका
शारदीय नवरात्र की शुरुआत बुधवार को होगी। ज्योतिषियों का मानना है कि…
नवरात्रि: निर्भय कन्या का शक्ति पर्व
सूर्यकांत द्विवेदी।। देवी का अर्थ है निर्भयता व प्रकाश। निर्भयता और प्रकाश…

