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ख़ून को स्याही बना कर 1984 में लिखी गई नृशंसता की वो घृणास्पद गाथा
ऋषभ शुक्ला।। 31 अक्टूबर 1984 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी…
पुलवामा हमले के दो साल: खून से सनी थी सड़क, मंजर देख दहल उठा था देश
दिन था गुरुवार, तारीख 14 फरवरी 2019 यानी वैलेंटाइन डे और समय…
लैंगिक असंतुलन को समाप्त करने का संकल्प लेते है
हम विश्व स्तर पर 11 फरवरी को विज्ञान में महिलाओं एवं बालिकाओं…
‘काले’ रंग को भी मैला करते, क़ानून के ये ‘भक्षक’
ऋषभ शुक्ला।। कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका, लोकतांत्रिक भारत सरकार की तीन स्वतंत्र…
आर्थिक सर्वेक्षण: दुनिया में भारतीय सबसे ज्यादा स्वास्थ्य पर करते हैं खर्च
कोरोना संकट के बाद स्वास्थ्य पर व्यय के मुद्दे पर नए सिरे…
अन्नदाता के आंदोलन को कमजोर करने के लिए साजिश के तहत हिंसा किया गया!
अन्नदाता हम सभी का शान है, किसान भाइयों पर देश व पूरे…
आतंकी मानसिकता नहीं – आतंकी कृत था
आदित्य तिक्कू।। कल हमने अपना 72 गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया।…
गणतंत्र ही भारत के लिए सबसे माकूल शासन व्यवस्था है
आदित्य तिक्कू।। प्रत्येक भारतीय को गणतंत्र दिवस की अनंत शुभ कामनाये व…
सकारात्मकता के साथ आरंभ करे 2021
"मन के हारे-हार है, मन के जीते- जीत" यह साधारण सी कहावत अपने…

