बोइसर। तेरापंथ ने पर्यूषण माहपर्व के प्रथम दिवस को “खाद्य संयम दिवस” के रूप में मनाया। उपासक श्री पारस जी दुग्गड़ ने प्रातः 6 से 7 बजे योग और ध्यान के रूप में प्रथम दिवस की शुरुआत की। उन्होंने प्रेक्षाध्यान व योग के उपयोग से अनेक शारीरिक पीड़ा जैसे – थाइरोइड, घुटने में दर्द, हार्ट प्रॉब्लम, गर्दन दर्द के निवारण हेतु कई योग और ध्यान की क्रिया बताई। प्रेक्षाध्यान आत्म शुद्धि की प्रक्रिया का उपक्रम है ओर इनके प्रयोगों से चित को समधि मिलेगी। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले श्रावक व श्राविकाओं में काफी उत्साह दिखा।
दिन के दूसरे चरण में प्रातः 8:30 से 9:30 प्रवचन हुआ । तेरापंथ महिला मंडल ने खाद्य संयम दिवस पर गीत से अपनी प्रस्तुति दी। उपासक श्री विनोद जी बाफना ने बताया कि हमें अपने खानपान पर संयम रखना चाहिए, हमें जितनी आवश्यकता हो उतना ही खाना चाहिए। प्रवक्ता उपासक श्री पारस जी दुग्गड़ ने बताया कि खाद्य संयम के द्वारा हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। खाने के 40 मिनट पूर्व व खाने के बाद 1 घंटे पानी का सेवन न करने से हमारी पाचन शक्ति स्वस्थ रहती है, जिससे की हम गैस,एसिडिटी जैसी अनेक परेशानियों से दूर रहते है। उन्होंने मन-वचन-काया पर कैसे सयम किया जाए उसपर जानकारी दी व भगवान रिषभदेव के बारे में बताया। प्रवचन के अंत में तपस्या का पचाखाण करवाया गया।
दिन के तीसरे चरण मे दोपहर 2 से 3:30 बजे तक तत्व चर्चा का कार्यक्रम रहा। इस कार्यक्रम में तेरापंथ महिला मंडल की अच्छी उपस्थिति रही। रात्रिकालीन प्रवचन में आचार्य श्री महाप्रज्ञजी के साहित्यों पर जानकारियां दी गई और साथ ही पारिवारिक प्रवचन दिया गया ।प्रवचन में क्रोध से हमारे संबंधों में आनेवाले दुष्परिणाम के बारे में बताया गया। क्रोध पर विजय प्राप्त करने हेतु उन्होंने कई नियम बताएं।वही उपासकजी के इस उद्बोधन से प्ररित होकर कई श्रावक-श्राविकाओ ने क्रोध ना करने का त्याग लिया।
बोईसर में मनाया गया “खाद्य संयम दिवस”

