पटना। बिहार में आज महागठबंधन ने विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में व्यापक चक्काजाम और बिहार बंद का आयोजन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के कई प्रमुख नेता सड़कों पर उतरे।
जानकारी के अनुसार, पटना के सचिवालय हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक जाम कर विरोध जताया, वहीं दरभंगा में बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन को रोककर प्रदर्शन किया गया। तेजस्वी यादव ने कहा, “चुनाव आयोग को स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। यह सब दिल्ली के इशारे पर हो रहा है।” उन्होंने मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताया।
प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर ट्रेनें रोकी गईं और सड़कों पर जाम लगाया गया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।इस बीच, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था, जिसका असर बिहार में भी देखने को मिला। इससे सार्वजनिक सेवाएं और परिवहन व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की।हालांकि, इस चक्काजाम से आम जनता को काफी परेशानी हुई। यातायात जाम होने से स्कूल, कार्यालय और अन्य जरूरी कामों के लिए निकले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की, लेकिन कई क्षेत्रों में अव्यवस्था बनी रही।
महागठबंधन का दावा है कि यह विरोध मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को उजागर करने के लिए जरूरी था, जबकि सत्तारूढ़ एनडीए ने इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया। बिहार में बढ़ते सियासी तनाव के बीच यह चक्काजाम विधानसभा चुनाव से पहले माहौल को और गरमा सकता है।
बिहार में मतदाता सूची सत्यापन के खिलाफ महागठबंधन का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन
