नाथद्वारा। नाथद्वारा स्थित तेरापंथ भवन में भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर सकल जैन समाज के तत्वावधान में भव्य प्रवचन सभा एवं विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
तेरापंथ महिला मंडल एवं ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं द्वारा मंगल गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मुनि संजय कुमारजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “जैन बनना अच्छी बात है, परंतु उससे भी श्रेष्ठ है ‘गुडमैन’ बनना। जैन समाज के लोगों के आचार-विचार में जैनत्व झलकना चाहिए। नशा और क्रोध का त्याग ही महावीर जयंती मनाने की वास्तविक सार्थकता है।”
मुनि प्रकाश कुमारजी ने कार्यक्रम का संयोजन करते हुए कहा कि “हमारा खान-पान एवं रहन-सहन संयमित होना चाहिए। मन में शांति होगी, तभी घर में शांति संभव है।”
लगभग 22 देशों में जैन दर्शन एवं भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर चुके मुनि सिद्ध प्रज्ञाजी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “भगवान महावीर के अहिंसा, अनेकांत और अपरिग्रह के सिद्धांत विश्व युद्ध जैसी भीषण आपदाओं को समाप्त करने में सक्षम हैं। संयम ही सभी समस्याओं का अचूक समाधान है।”
कार्यक्रम के प्रारंभ में जयमलजी सम्प्रदाय की साध्वी बसंत कंवरजी महाराज की शिष्या महासती प्रतिक प्रभाजी, साध्वी निधि श्री एवं साध्वी मुदित प्रभाजी ने हृदयस्पर्शी गीत एवं विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सकल जैन समाज के अध्यक्ष श्री राजकुमारजी जैन ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया तथा समाज की ओर से सभी संतों का परिचय प्रस्तुत किया।
भव्य समारोह में नाथद्वारा, मुंबई, कोशिवाड़ा, सीसौदा, पड़ासली आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रातःकालीन कार्यक्रमों के पश्चात भव्य शोभायात्रा नगर में निकाली गई, जिसने शांति, अहिंसा और सद्भाव का संदेश प्रसारित किया। मुनिश्री ने जानकारी दी कि कल कांकरोली से मुनि प्रसन्न कुमारजी एवं मुनि प्रीत कुमारजी का शुभागमन होगा। अंत में श्री ललित कोठारी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सकल जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमारजी दावरिया, तेरापंथ सभा अध्यक्ष विश्व जीत, कर्नावट, मंत्री ललित कोठारी, राजेश मारवाड़ी एवं कमलेशजी धाकड़ का विशेष सहयोग रहा।
भगवान महावीर का 2625वां जन्मोत्सव शोभायात्रा, भजन संध्या एवं श्रद्धाभक्ति के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया
Highlights
- जैनों में जैनत्व दिखाई देना चाहिएः मुनि संजय कुमार
- समाधान बंदूक की गोली मे नही प्यार की बोली मे हैः मुनि सिद्ध प्रज्ञ

