मुंबई:भारत में 2020 तक वेतन में 10% तक की वृद्धि संभावित है। आइरिश एडवाइजरी कंपनी विलिस टावर्स वॉटसन ने मंगलवार को अपनी सालाना बजट प्लानिंग रिपोर्ट जारी की। कंपनी ने कहा- 2019 में वेतन बढ़ोतरी 9.9% रही जो नए साल में 10% तक पहुंच जाएगी। भारत का संभावित वेतन वृद्धि प्रतिशत इंडो पैसेफिक क्षेत्र में सबसे अधिक है।
कंपनी के सर्वे के मुताबिक, अगले साल इंडोनेशिया में 8%, चीन में 6.5% और फिलिपिंस में 9.9% वेतन वृद्धि होगी। भारत में वेतन वृद्धि दर अधिक होने के बाद भी कंपनियां सतर्क हैं। वे कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं करना चाहती। विलीज के इंडिया कंसल्टिंग लीडर (टैलेंट एंड रिवार्ड्स) राजुल माथुर ने कहा- कंपनियां ऑटोमेशन और डिजिटाइजेशन में जरूरतों और कौशल के आधार पर भुगतान करने का चलन शुरू कर रही हैं।
सभी श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन वृद्धि का अनुमान
सर्वे के अनुसार, सभी श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की संभावना है। एक्सेक्यूटिव लेवल पर औसत अगले साल बढ़कर 10.1% होने की उम्मीद है। मध्यम स्तर पर काम करने वाले मैनजमेंट, प्रोफेशनल और सपोर्ट स्टाफ की सैलरी 2020 में 10.4 प्रतिशत हो सकती है। उत्पादन कार्यों में लगे पारंपरिक श्रमिकों का वेतन वृद्धि मौजूदा साल में 10% रहा था, जो कि अगले साल 10.3% हो सकता है।
टॉप परफॉमर्स पर अधिक खर्च कर रही कंपनियां
कंपनी ने पाया है कि वेतन वृद्धि के कुल बजट में से 25% टॉप परफॉमर्स को दिया जा रहा है जो कि देश के 11.5% कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसका मतलब है कि औसत या औसत से कम प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों पर जहां 1 रुपए आवंटित होते हैं, वहीं टॉप परफॉमर्स के लिए 2.16 रुपए खर्च किए जाते हैं।
भारत में 2020 तक वेतन में 10% वृद्धि हो सकती है, पिछले साल के मुकाबले केवल 0.1% ज्यादा

