श्रीनगर: पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में शनिवार को संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। राजौरी जिले के केरी बटाल और सुंदरबनी सेक्टर में एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से मोर्टार दागे गए। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना ने भी इस गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान पाकिस्तान के दो सैनिक मारे गए। शुक्रवार को नीलम घाटी और अखनूर सेक्टर में भी दोनों तरफ से भारी गोलाबारी हुई, जिसमें पाकिस्तान को खासा नुकसान पहुंचा। भारतीय सेना ने शनिवार को पीओके के एक गांव को कब्जे में लेने के दावे को खारिज किया है।
दरअसल, सोशल मीडिया में शेयर किए जा रहे मैसेज में कहा जा रहा था कि सेना एलओसी पर फेंसिंग खोलकर पीओके में घुसी और वहां के एक गांव को कब्जे में ले लिया। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी एजेंसियों अपने एजेंडा के तहत ऐसी फेक न्यूज फैला रही हैं। इससे पहले सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी फेक न्यूज को सेना के लिए सबसे बड़ी चुनौती बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के साथ एलओसी पर स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है, लेकिन हम पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं।
इमरान खान ने कहा- हमें भारत से खतरा
सीमा पर सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत से खतरे की बात कही। हालांकि, इमरान सेना प्रमुख जनरल रावत के बयान का हवाला देते हुए एक बार कश्मीर का राग अलापने से नहीं चूके।
नियंत्रण रेखा पर लगातार गोलीबारी
पिछले कई दिनों से पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर तंगधार और कंजलवाड़ सेक्टर में गोलीबारी कर रहा है। कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी सेक्टर में भी पाकिस्तान की बैट टीम ने फायरिंग की थी, जिसमें एक जवान शहीद हो गया था, जबकि जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के दो सैनिक मारे गए थे। 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद, पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की घटनाएं बढ़ गई हैं।
भारत की जवाबी कार्रवाई में 2 पाकिस्तानी सैनिक ढेर, सेना ने कहा- पीओके के गांव को कब्जे में लेने का दावा झूठा

