नई दिल्ली: टोक्यो में भारत व जापान के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई सालाना बैठक के बाद 32 समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये। इसमें योगा से लेकर रक्षा तक और डिजिटल भुगतान से लेकर खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्र शामिल हैं जो बताता है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों की व्यापकता कितनी तेजी से बढ़ रही है।
पिछले वर्ष दोनों नेताओं की अगुवाई में 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये थे, जो समझौते किये गये हैं उनमें चार ऋण क्षेत्र के समझौते हैं। इनमें अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल नेटवर्क, दिल्ली मेट्रो (फेज तीन), पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोड नेटवर्क बनाने जैसे अहम परियोजनाएं शामिल हैं।
इन समझौतों में एक आशय पत्र का आदान-प्रदान भी शामिल हैं, जिसके मुताबिक 57 जापान की कंपनियां भारत में निवेश करने के लिए तैयार हैं जबकि 15 भारतीय कंपनियां जापान में निवेश करेंगी। कुछ अन्य समझौते निम्नवत हैं।
1. जापान व भारत की नौ सेनाओं के बीच सहयोग के लिए समझौता
2. तीसरे देशों में परियोजना लगाने के लिए समझौता
3. खाद्य प्रसंस्करण में जापानी निवेश को बढ़ावा देने संबंधी समझौता
4. भारत में मत्स्य पालन संबंधी ढांचागत सुविधा लगाने के लिए समझौता
5. महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश में अलग से कृषि सहयोग के लिए समझौता
6. रोबोटिक्स निर्माण व आर्टिफिसिएल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में साथ करेंगे काम
7. भारत में खेल सुविधाओं के विकास में जापान देगा मदद
8. एसबीआइ और हिताची पेमेंट सर्विस लिमिटेड के बीच समझौता
9. जापान में भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति योगा व आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए समझौता
भारत-जापान के बीच दोस्ती हुई मजबूत, रक्षा से लेकर कृषि तक हुए 32 समझौते

