मुंबई:शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और शिवसेना के साथ हमारी बातचीत जारी है।
उद्धव ठाकरे ने कहा, “काफी सालों से भाजपा-शिवसेना साथ थे, लेकिन अब शिवसेना को एनसीपी और कांग्रेस के साथ जाना है। दोनों पार्टियों से हमारी बातचीत होगी। मैं अरविंद सावंत का धन्यवाद देता हूं, काफी लोग मंत्री पद के भूखे होते हैं, लेकिन वो उनकी तरह नहीं हैं। उनके ऊपर गर्व है।”
इससे पहले शिवसेना ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिये जरूरी समर्थन पत्र सौंपने के वास्ते तीन दिन का वक्त नहीं देने के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के फैसले के खिलाफ मंगलवार (12 नवंबर) को उच्चतम न्यायालय का रुख किया। शिवसेना की ओर से पेश हो रहे वकीलों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उन्होंने इस मामले पर मंगलवार को ही अविलंब सुनवाई किए जाने के संबंध में रजिस्ट्रार से अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने बताया कि उन्हें फिलहाल इस पर कोई जवाब नहीं मिला है।
शिवसेना ने शीर्ष अदालत से सदन में बहुमत साबित करने का मौका नहीं देने के राज्यपाल के सोमवार (11 नवंबर) के फैसले को रद्द करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। शिवसेना ने इस निर्णय को असंवैधानिक, अनुचित और दुर्भावनापूर्ण करार दिया। अधिवक्ता सुनील फर्नांडिस के जरिये दायर याचिका में कहा गया है, “राज्यपाल ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए बहुमत साबित करने के वास्ते तीन दिन का भी समय देने से इनकार कर दिया।”
भाजपा-शिवसेना का साथ लंबे समय तक रहा, अब कांग्रेस-एनसीपी के साथ जाना है: उद्धव ठाकरे

