मुंबई/पुणे। राज्य में भाजपा, शिंदे सेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार है। ये तीनों दल सिर्फ सत्ता की मलाई खाने के लिए एक साथ आए हैं। सत्ता में रहते हुए अजित पवार भाजपा पर गंभीर आरोप कर रहे हैं और भाजपा अजित पवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है। यदि इन दोनों दलों को आरोप ही लगाने हैं, तो सत्ता से चिपके क्यों बैठे हैं? हिम्मत है तो सत्ता से बाहर निकलें और फिर आरोप करें-ऐसी चुनौती महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का पूरे राज्य में जोरदार प्रचार अभियान जारी है। विदर्भ और मराठवाड़ा में प्रचार सभाएँ लेने के बाद आज उन्होंने पुणे और ठाणे में पदयात्राओं, रैलियों और जनसभाओं में हिस्सा लिया। पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अजित पवार भाजपा को देश का सबसे भ्रष्ट दल बता रहे हैं, वहीं भाजपा अजित पवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है। पार्थ पवार के भूमि घोटाले पर सवाल पूछे जाने पर अजित पवार “जय जिनेंद्र” और “जय जैन बोर्डिंग” कहते हैं। ये लोग गिरगिट से भी तेज रंग बदल रहे हैं। सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय अजित पवार को इस्तीफा देकर सत्ता से बाहर आना चाहिए, अन्यथा भाजपा को राष्ट्रवादी कांग्रेस का समर्थन वापस लेना चाहिए। लेकिन ऐसा वे कभी नहीं करेंगे। दोनों दल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। भाजपा, शिंदे सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस में अब कोई नैतिकता शेष नहीं बची है।
सपकाल ने आगे कहा कि पुणे शहर को एक गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत प्राप्त है। पुणे को शिक्षा की नगरी और सांस्कृतिक शहर के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज शहर की पहचान ड्रग्स के काले कारोबार, कोयता गैंग, भ्रष्टाचार और बदहाल बुनियादी ढांचे से जुड़ गई है। अब पुणेकरों को ही अपने ‘पुणेरी बाणे’ की रक्षा करनी होगी, ऐसा आह्वान उन्होंने किया। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक कमजोर पार्टी बन चुकी है, उन्हें पार्टी में कोई भी चल जाता है। उन्होंने पहले गुंडों और मवालियों को पार्टी में शामिल किया और अब बलात्कारियों को भी जगह दे रहे हैं, ऐसा आरोप सपकाल ने लगाया। इस पत्रकार परिषद में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक मोहन जोशी, प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अभय छाजेड, पूर्व विधायक दीप्ति चवधरी, वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाल तिवारी तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे पर आरोप कैसे कर सकते हैं? हिम्मत है तो सत्ता से बाहर निकलें: हर्षवर्धन सपकाल
Highlights
- संस्कृति और शिक्षा की नगरी पुणे की पहचान अब ड्रग्स, गुंडागर्दी और कोयता गैंग के अड्डे के रूप में बन रही है।
- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का तूफानी प्रचार अभियान; विदर्भ और मराठवाड़ा के बाद आज पुणे व ठाणे में पदयात्रा, रैली और जनसभाओं की धूम।

