अलौकिक पुरुष : आचार्य भिक्षु – शासन श्री साध्वी सोम लता

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मुंबई। कीर्तिपुंज आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी शिष्या शासन श्री साध्वी सोमलताजी के सानिध्य में तेरापंथ के महासूर्य, तेजस्वी ऋषि क्रान्त दृष्टा आचार्य भिक्षु का 260वां अभिनिष्क्रमण दिवस का कार्यक्रम महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, कालबादेवी में आयोजित हुआ ।
कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी जी के महामंत्रोच्चारण से हुआ । साध्वी श्री जागृतप्रभाजी ने कविता से व साध्वी श्री संचितयशाजी ने भावों की अभिव्यक्ति दी । साध्वी शकुंतलाकुमारीजी ने भिक्षु स्तुति की ।
शासन श्री साध्वी सोमलताजी ने ओजपूर्ण वाणी में कहा – तेरापंथ धर्म संघ पूरे विश्व में एक बेजोड़ धर्म संघ है । चैत्र कृष्णा नवमी के दिन उसने गर्भ धारण किया । इसके संस्थापक थे क्रांतिधर शलाका पुरुष आचार्य भिक्षु । वे अलौकिक पुरुष थे । उन्होंने धर्म संघ को नवीन संजीवनी शक्ति देने का प्रण किया । आपने आगे कहा आचार्य भिक्षु जिस दिन संयम की राह पकड़ी । उसी दिन से उनका संकल्प था – मुझे पवित्र जीवन जीना है, शुद्ध साधना करनी है तथा औरो को भी शुद्ध साधना का मार्ग बतलाना है । अंतिम समय तक वे अपने संकल्पों के प्रदीप दृढ़ रहे । आपने कहा – हम केवल आचार्य भिक्षु की स्तुति ही नहीं करें बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए पथ का अनुसरण करें। अशोक बरलोटा, दिनेश धाकड़, मनोज झाबक ने मंगल गीत का संगान किया । रेखा, गुंजन, रेनू संगीता सुमन ने “भिक्षु शासन में हरदम दिवाली” मधुर स्वर लहरियों से श्रोताओं को मुग्ध किया । ज्ञानशाला के बच्चों ने कव्वाली प्रस्तुत की । साध्वी रक्षितयशाजी ने कुशलता पूर्वक कार्यक्रम का संचालन किया । आचार्य महाप्रज्ञ विद्या निधि फाउंडेशन के अध्यक्ष किशनलाल डागलिया उपाध्यक्ष गणपत डागलिया, मांगीलाल धाकड़, नरेंद्र दक, अशोक दक, सुरेश मेहता, कनक निम्ब्जा, किर्तीलाल मेहता, प्रकाश मेहता, कन्हैयालाल लाल मेहता,प्यारचंद शिशोदिया आदि उपस्थित थे। यह जानकारी तेयुप दक्षिण मुंबई के मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ ने दी।

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