तेरापंथ महिलामण्डल मुंबई ने किया सुर-संगम (VOICE OF DEVOTION) सेमीफाइनल का भव्य आयोजन

ठाणे। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ महिलामण्डल मुंबई के तत्वावधान में सुर-संगम (VOICE OF DEVOTION) सेमीफाइनल का भव्य आयोजन दिनांक 22/6/2022 को तेरापंथ भवन माजीवाडा में शासनश्री साध्वी जिनरेखाजी एवं साध्वीवृन्द के सानिध्य में हुआ। सर्वप्रथम शुभ शुरुआत साध्वीश्री जी के द्वारा नमस्कार महामंत्र से प्रारम्भ हुई। सुमधुर मंगलाचरण ठाणे कोपरी,वागले स्टेट एवं लोकमान्य तिलकनगर की बहिनो द्वारा किया गया। साध्वीश्री जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज का सुर संगम सेमीफाइनल कार्यक्रम से चातुर्मास के पूर्व अच्छी शुरुआत हुई। संगीत से तो धरती भी अनुगुंजित है। तेरापंथ धर्मसंघ के चतुर्थ आचार्य श्री जयाचार्य जी प्रेरणा के स्रोत रहे है। उनके भीतर सुरशक्ति संचार करती थी। उनके उच्चरित स्वर से अंगारे भी शांत हो जाते। संगीत से मानव मस्तिष्क तरोताजा हो जाता है।
मुंबई महिलामण्डल की कर्मठ व जागरूक अध्यक्ष रचनाजी हिरण ने सभी पधारे हुए आतिथियो का स्वागत किया। तथा सभी प्रतियोगी को शुभकामना देते हुए कहा कि कम समय मे सभी ने अच्छी तैयारी की है। हम 2023 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस सुरसंगम कि आयोजना की है जिसमे में इसजी संयोजक टीम,ठाणे तीनो क्षेत्र की संयोजिका, सभा, तेयुप सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करती हूं ।। इसकी इतनी सुंदर आयोजना की है। साध्वीश्री जी ने अपनी विशेष कृपा करके हमे सानिध्य प्रदान किया उनके प्रति ह्रदय की अनन्त गहराइयों से कृतज्ञता।
मुंबई महिलामण्डल उत्साही मंत्री अल्काजी मेहता ने सभी टीम का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हार जीत कोई मायने नही रखता है। इतने कम समय मे अथक प्रयासों से यहा पहुँचना आपकी जीत है। पूर्वाध्यक्ष भारतीजी सेठिया ने मुंबई महिलामण्डल के प्रति धन्यवाद करते हुए कहा कि आपने मुझ पर विश्वास करके मुझे ये सुनहरा मौका दिया उसके लिए आभारी हूं।
इसके पश्चात सुर- संगम सेमीफाइनल के प्रथम राउंड का प्रारम्भ हुआ। कुल 23 उपनगर की बहिनों ने सुंदर प्रस्तुति दी।प्रथम राउंड का संचालन मुंबई महिलामण्डल सहमंत्री सरोजजी सिंघवी ने बहुत ही सुंदर रूप से फूलो के रोचक नाम से गुलदस्ता सजाया। द्वितीय राउंड का सफल संचालन विशेष सहयोगी प्रतिभाजी बैद द्वारा किया गया। जिसमें शब्दों के द्वारा गाना पहचानते हुए गाना प्रस्तुत करना था। सबकी बहुत ही सुंदर प्रस्तुति रही।
23 ग्रुप में से 11 ग्रुप जिसमे डोम्बीवली, पनवेल, वाशी,नेरुल,बोरीवली, खारघर, घाटकोपर, अंधेरी, भांडुप, साइन कोलीवाड़ा का चयन किया गया। तथा मालाड व कोपरी थाने इन दोनों टीम को वाइल्ड कार्ड द्वारा शामिल किया गया। जज की भूमिका सुमधुर गायिका श्रीमती ताराजी मुणोत व श्रीमती रेणुजी कोठारी ने निभाई। तथा दोनों ने अपने विचार गीतिका के माध्यम से रखे।
आज के इस सुर संगम सेमीफाइनल में अभातेमम ट्रस्टी श्रीमती प्रकाशदेवी तांतेड़, पूर्वाध्यक्ष श्रीमती कांताजी तांतेड़,श्रीमती भारतीजी सेठिया, मुंबई अध्यक्ष श्रीमती रचनाजी हिरण, मंत्री श्रीमती अल्काजी मेहता, उपाध्यक्ष श्रीमती विमलाजी कोठारी, सहमंत्री श्रीमती सरोजजी सिंघवी, श्रीमती संगीता जी चपलोत, प्रचार मंत्री श्रीमती कांताजी डूंगरवाल, ई मीडिया प्रभारी श्रीमती सुचिता जी कोठारी, कार्यकारिणी सदस्य, विशेष सहयोगी, तथा ठाणे सभा, तेयुप के गणमान्य सदस्य आदि की उपस्थिति रही। सुर संगम सेमीफाइनल को सफल बनाने हेतु संयोजक श्रीमती भारती जी सेठिया, श्रीमती विमलाजी सेखानी, श्रीमती सरोजजी सिंघवी, श्रीमती सुमनजी मेहता व श्रीमती प्रतिभाजी बेद का सहयोग रहा। आभार ज्ञापन मुंबई कार्यकारिणी से उत्साही सदस्य श्रीमती रमिलाजी बड़ाला ने किया।
तथा आयोजक श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ महिलामण्डल मुंबई के क्षेत्र ठाणे सेंट्रल, वागले स्टेट व कोपरी महिलामण्डल विशेष रूप से रहे। वागले स्टेट संयोजिका ममताजी चंडालिया, सहसंयोजिका-नीलमजी हिरण ,ठाणे सेंट्रल संयोजिका-प्रियाजी मुथा, सहसंयोजिका रेखाजी हीगंड़, कोपरी की संयोजिका रंजना बाफना ,सह संयोजिका–नूतन जी दुग्गङ व भावना कच्छारा व पूरी टीम का विशेष सहयोग रहा। मुंबई के सभी क्षेत्रों से लगभग 350 बहिनों की उपस्थिति रही।

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