नारी जाति के उन्नायक तेरापंथ धर्म संघ के नवम आचार्य गणाधिपति गुरुदेव श्री तुलसी के 26वें महाप्रयाण दिवस पर श्रद्धाभक्ति वंदन

दिवा स्वप्नदृष्टा गणाधिपति तुलसी का संपूर्ण जीवन महान अवदानों का प्रदाता रहा। अनैतिकता, भ्रष्टाचार, हिंसा एवं आतंक जैसी विषमताओं को दूर करने हेतु उन्होंने जो अवदान दिया वो वरदान बन गया। हमारे देश भारत की बाह्य स्वतंत्रता को अभिशाप बनने से बचाने के लिए गुरुदेव तुलसी ने ‘अणुव्रत आंदोलन’ का सिंहनाद किया। अणुव्रत का अवदान समाज सुधार का सशक्त माध्यम है।
गुरुदेव श्री तुलसी ने नारी समाज को एक ऐसा अवदान दिया जिसके लिए नारी समाज सदा उनकी आभारी रहेंगी। शिक्षा का क्षेत्र हो या व्यवसाय का,समाज सेवा का संदर्भ हो या राजनैतिक क्षेत्र सभी जगह नारी शक्ति ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है ओर ये अवदान मिला गुरुदेव श्री तुलसी से।गुरुदेव श्री तुलसी हमेशा कहते थे सभी महिलाओं को अपनी प्रतिभा को सामने लाना चाहिए।मर्यादा में रहकर स्वंय को सशक्त बनाना चाहिए।गुरुदेव श्री तुलसी ने सभी महिला शक्ति को हमेशा अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। गुरुदेव श्री तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन के दीप को पूरे विश्व मे प्रज्वलित किया ।आज अणुव्रत के छोटे छोटे सिधान्तो को अपनाकर भावी पीढ़ी अहिंसा के मार्ग पर बढ़ रही है।वदना माँ के लाल ने तेरापंथ धर्म संघ को अपने अवदानों का अनमोल खजाना दिया है। श्री तुलसी की लेखन शैली,प्रवचन शैली,गायन शैली अदभुत थी,उनके प्रवचनों को सुनकर लाखो लोगो के जीवन मे अनेक बदलाव आया। उनकी लिखी किताबो को पढ़कर लगता है उनमें ज्ञान का सागर छिपा हुआ था,एक एक शब्द प्रेरणा देता है। उनके महाप्रयाण दिवस पर हम सभी ऐसे महापुरुष की स्मृतियों में अपना शीष नमाते है उनको श्रद्धा भक्ति वंदन करते है।

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