नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल से पुलिस ने हटाकर अस्पताल पहुंचा दिया। वह पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। पुलिस का कहना है कि उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति, चिकित्सकों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने आज से ख़ुद अनशन पर बैठने का ऐलान करते हुए 20 मार्च को संसद मार्च भी करने का ऐलान किया है। श्री दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए लिखा, “मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं।” सभी से अनुरोध है कि वे पीछे न हटें। यह आंदोलन अभी और बड़ा होने वाला है। उन्होंने वांगचुक सर को हटाकर बहुत बड़ी गलती की है। मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे जंतर मंतर आएं। हमारा आंदोलन यहीं से आगे बढ़ेगा।”
जंतर मंतर पर पेपर लीक के ख़िलाफ़ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर 20 दिन से भूख हड़ताल कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता व इंजीनियर सोनम वांगचुक को पुलिस जबरन उठा ले गई। घटनास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वांगचुक को जबरन हटाया, जबकि पुलिस ने किसी भी तरह के बल प्रयोग से इनकार किया है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर पर धरना समाप्त करने की अपील भी की। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने सरकार की आलोचना करते हुए इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर हस्तक्षेप बताया।
श्री वांगचुक तथा कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद से मानसून सत्र से पहले ही 20 जुलाई को अपनी मांगों के समर्थन में संसद तक मार्च करने की घोषणा की थी और लोगों से बड़ी संख्या में इसमे शामिल होने की अपील की थी।
अनशन के 21वें दिन जंतर-मंतर से जबरन हटाए गए सोनम वांगचुक, अभिजीत दिपके का भूख हड़ताल का ऐलान

