हिंदी फ़िल्मों में क्राईम थ्रिलर और कोर्ट-रूम ड्रामा को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिलता रहा है लेकिन साथ ही फ़िल्में देश की कानून और न्याय व्यवस्था पर सवाल भी करती है। इन दिनों निर्देशक अशोक नन्दा की क्राइम थ्रिलर वन डे जस्टिस डिलिवर्ड भी अपने कांसेप्ट को लेकर मिडिया में सुर्ख़ियों में है। वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर, ईशा गुप्ता, मुकुंद मिश्रा की फ़िल्म वन डे जस्टिस डिलिवर्ड आज समाज में फैले भ्रष्टाचार और अपराधी को सज़ा दिलाने के लिए क़ानून को हाथ में लेना सही है पर एक चर्चा की बात करती है।
डी नीव फ़िल्म्स और ए सिनेमा फ्राइडे प्रोडक्शन बैनर्स के तले निर्मित वन डे जस्टिस डिलिवर्ड में अभिनेता अनुपम खेर रिटायर्ड जज त्यागी का किरदार निभा रहे हैं | अपने रिटायरमेंट के बाद उन्हें लगता है कि सुबूतों के अभाव और कानूनी जटिलताओं के चलते उन्हें कुछ अपराधियों को छोड़ना पड़ा है, इनमें से कुछ उनके आस-पास के लोग भी हैं | एक ऐसे ही केस में पीड़ित परवीन बीबी (ज़रीना वहाब) अपने बेटे की मौत के ज़िम्मेदार अपराधियों को सज़ा ना मिलने पर न्यायालय परिसर में जस्टिस त्यागी को थप्पड़ मारती हैं | ये थप्पड़ कहानी में कई नए मोड़ लेकर आता है |
वन डे जस्टिस डिलीवर्ड फ़िल्म आपको सोचने पर मजबूर करती है कि अन्याय के खिलाफ़ लड़ने के लिए किस हद तक हम जा सकते हैं और अगर कानूनी ढंग से न्याय ना मिले तो क्या न्याय के लिए कानून को अपने हाथों में ले लेना सही है या ग़लत |
फ़िल्म के निर्माता केतन पटेल, कमलेश सिंह कुशवाहा और सह-निर्मात्री स्वाति सिंह हैं | फ़िल्म में अन्य प्रमुख क़िरदारों में ज़रीना वहाब, राजेश शर्मा, ज़ाकिर हुसैन, दीपशिखा नागपाल, मुरली शर्मा, परीक्षित साहनी, अनंत महादेवन प्रमुख क़िरदारों में नज़र आएंगे | फिल्म की शूटिंग झारखण्ड विभिन्न रियल लोकेशंस पर गयी है फ़िल्म ५ जुलाई को देश-भर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी
क़ानून तोड़कर जस्टिस, राइट है या रॉंग – सवाल करती है वन डे जस्टिस डिलिवर्ड

