मुंबई: 49 कोरोना संक्रमित मामलों के साथ महाराष्ट्र देश का ऐसा राज्य बन गया है, जहां सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज हैं। अब तक यहां 958 लोगों की कोरोना जांच हुई, जिसमें से 913 लोग नेगेटिव हुए हैं। जांच में कोरोना नहीं आने के बावजूद सरकार ने इन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन करने का आदेश दिया है। इसके बावजूद कई लोग बाहर घूम रहे हैं। ऐसे करने वालों पर सख्ती बरतते हुए राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इन सभी के हाथ में लग रही है मुहर
सरकार ने कोविड-19 से संक्रमित मरीजों को तीन कैटेगरी में बांटा है। पहली कैटेगरी ‘ए’ में वे लोग हैं, जिनमें यह लक्षण पाया गया है और उन्हें एडमिट कराया गया। वहीं बी कैटेगरी में वे लोग हैं, जिनमें इंफेक्शन के लक्षण हैं और साथ ही उच्च रक्तचाप की शिकायत पाई गई है। तीसरी कैटेगरी ‘सी’ जिसमें कोई लक्षण नहीं दिखे और उन्हें घर भेज दिया गया है। इन सभी के हाथ पर 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन की मुहर लगाई गई है।
लोग लगातार तोड़ रहे हैं नियम
होम क्वारंटाइन के आदेश के बावजूद सिंगापुर से लौटे 6 यात्रियों को बोरीवली स्टेशन पर एक एक्सप्रेस ट्रेन से उतारा गया ये अपने घर ट्रेन से जा रहे थे। इससे पहले बुधवार को मुंबई से सूरत जा रहे चार लोग को गरीब रथ ट्रेन से उतारा गया था। ऐसे ही नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
क्या है होम क्वारंटाइन?
होम क्वारंटाइन का मतलब घर पर अपने आप को दूसरे लोगों से अलग कर लेना है। अगर आपको कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संदेह है या फिर सर्दी-जुखाम लगा हुआ है तो आप एक कमरे में अपने आप को अलग कर लें।

