तेहरान:ईरान के सर्वोच्च नेता ने इराक पर अमेरिका के घातक हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए बुधवार (1 जनवरी) को चेतावनी दी कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उनके देश के खिलाफ दी गई धमकियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। अयातुल्ला अली खामेनी ने सरकारी टेलिविजन पर प्रसारित एक भाषण में कहा कि वह, सरकार और ईरान राष्ट्र इस अमेरिकी अपराध की निंदा करते हैं।
सप्ताहांत के हमले के बाद खामेनी की यह पहली टिप्पणी है। खामेनी ने रविवार (29 दिसंबर) को हशद अल-शाबी के उग्रवादियों पर हुए अमेरिका के भीषण हमलों का हवाला देते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया कि ईरान सरकार, राष्ट्र तथा वह अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं।
अमेरिकी हवाई हमलों में कताइब हिजबुल्लाह (हिजबुल्ला ब्रिगेड) के कट्टरपंथी गुट के कम से कम 25 लड़ाके मारे गए थे। अमेरिका ने इस गुट पर अमेरिकी ठेकेदार की हत्या का आरोप लगाया है। इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था, ”हमारे किसी भी प्रतिष्ठान में किसी की भी जान जाने या किसी भी प्रकार की क्षति के लिए ईरान पूरी तरह जिम्मेदार होगा।”
ट्रम्प ने कहा, ”उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। यह धमकी नहीं है, खतरा है।” खामेनी ने अपने टेलीविजन संबोधन में कहा, “पहली बात ये है कि आप आक्षेप नहीं लगा सकते हैं। इसका ईरान से कोई लेनादेना नहीं है।” उन्होंने कहा, “दूसरी बात ये है कि तार्किक रूप से… इस क्षेत्र के लोग अमेरिका से नफरत करते हैं। अमेरिकी इस बात को समझते क्यों नहीं?” उन्होंने कहा, “तुम अमेरिकियों ने इराक में अपराध किया है। तुमने अफगानिस्तान में अपराध किया है। तुमने लोगों को मारा है।”
खामेनी ने कहा कि ईरान किसी भी धमकी के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “अगर इस्लामी गणतंत्र ने किसी देश के खिलाफ विरोध या लड़ाई का फैसला किया है, तो वह ऐसा खुलकर करेगा।” उन्होंने कहा कि वह युद्ध नहीं चाहते लेकिन अगर कोई इसे थोपेगा तो उनका देश पूरी ताकत के साथ मुकाबला करेगा।

