रितेश पाठक/मुम्बई। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ मेवाड़ मुंबई (गोरेगांव) में चातुर्मास कर रहे डॉ. गौतम मुनि मसा. ने बुधवार को व्याख्यान में संसार के बारे में बताते हुए कहा कि इस संसार में बहुत कम ऐसे लोग हैं जो दुख के समय आपका साथ देंगे। इस दुनिया में स्वार्थी लोग ज्यादा है और दयावान बहुत कम हैं। सच्चा इंसान वही होता है जो दुख के समय किसी के काम आए। मसा. ने लक्ष्य की ओर बताते हुए कहा कि आप अपना जो लक्ष्य बनाओ उसे पूरा करने तक दिन -रात मेहनत करो जब तक लक्ष्य हासिल ना हो जाए। कुछ किये बिना जय जयकार नही होती।
गुरुदेव ने व्याख्यान में सच्चे भक्तो के बारे में बताते हुए कहा कि सच्चे भक्त वही होते हैं जो कुछ भी हो जाए लेकिन धर्म करना नहीं छोड़ते। अगर धर्म का उदय होगा तो घर बैठे बीमारी दूर हो जाएगी और कहा कि सब बदल सकते हैं लेकिन धर्म कभी नहीं बदलेगा।
गुरुदेव ने कहा कि भाग्य बदलते देर नहीं लगती इसलिए धर्म करते जाओ और अच्छे कर्म करते जाओ भाग्य अपने आप करवट लेगा। कब किसकी लॉटरी कहा लग जाए कुछ बोल नहीं सकते इसलिए आप अपने भाग्य के लॉटरी तीर्थंकर के शासन में खोलिए। गुरुदेव ने कहा कि जिसका संयम मजबूत होता है उसको देवता के पास जाने की आवश्यकता नहीं होती। आप चित्र को नहीं, चरित्र को पूजो। आप का चरित्र जितना उज्ज्वल होगा उतना जीवन भी उज्ज्वल होगा। आपको श्रावक कुल में जन्म मिला है तो कुछ धर्म करो, प्रभु का आशीर्वाद हृदय पट्ट को भी बदल देता है। जब दवा काम नहीं करती तो किसी की दुआ काम कर देती है इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करो और लोगों का भला करो।
गुरुदेव ने कहा कि आगम काल में कहते हैं कि धर्म रूपी मित्र बनाओ क्योंकि धर्म रूपी मित्र का दूसरा नाम कल्याणकारी मित्र होता है। कोई कितना भी बड़ा क्यों ना हो लेकिन जिस घर में अगर संस्कार खत्म हो जाए तो उस घर की कोई कीमत नहीं है। गुरुदेव ने कहा कि अगर धर्म करते हो तो उसमें कोई मिलावट मत करो क्योंकि भगवान की भक्ति जीवन को रंग देती है। गुरुदेव ने यह भी बताया कि 11 अगस्त रविवार के दिन 8:30 बजे 1.25 लाख नमोत्थुणं का जाप शुरू हो जाएगा, उस दिन सभी को केसरिया रंग में रंगना है।
व्याख्यान के दौरान गुरु वैभव मुनि मसा. ने समवसरण में भगवान के जीवन के बारे में बताया कि उनका जीवन किस प्रकार बीता है और कहां की आपकी जो भी भाषा हो उसका उत्तर आपको उसी भाषा में मिलेगा। गुरुदेव ने कहा कि एक बार तीर्थंकर प्रभु के दर्शन हो जाए तो फिर किसी देवी देवता के दर्शन का दिल नही करता हैं। और कहा कि हमें भक्तामर पाठ हमें रोज़ सुनना चाहिये।
माटुंगा, वडाला, सायन, धारावी, अंटोप हिल इन सभी संघ की सेवा रही जिसमे संघ के अध्यक्ष अध्यक्ष देवीलाल पामेचा , मंत्री चंद्रप्रकाश देलीवाल, भोली लाल कोठारी, जीतमल कोठारी, शांतिलाल सिंघवी, किशन लाल लोढ़ा, महिला मंडल से अध्यक्षा गीता कोठारी, मंत्री श्वेता सिंघवी सहित तमाम श्रावक – श्राविकाएं मौजूद रहे।
तो वही मेवाड़ संघ मुंबई के पदाधिकारियों में अध्यक्ष किशनलाल परमार, लक्ष्मीलाल बडालमिया, इंद्रमल बड़ाला, हिम्मत कंटालिया, दिनेश सिंघवी, दिनेश बडालमिया, सुरेश सोनी, महिला मंडल से महामंत्री कंचन एल. सिंघवी,अंजना तातेड, ललिता सोनी, लाजवंती वडाला, निर्मला पामेचा, रेशमा दुग्गड़, सहित तमाम श्रावक – श्राविकाओं की उपस्तिथि रही। कार्यक्रम का संचालन ज्ञान प्रकाश समिति के मुख्य संयोजक विनोद चपलोत ने किया और बताया कि धर्म चक्र की अच्छी संख्या में बेले और तेले की तपस्या चल रही है।
अच्छे कर्म करते जाओ क्योंकि भाग्य बदलते देर नहीं लगती – डॉ. गौतम मुनि

