By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: भारत ही नहीं 23 देशों की जमीन पर हक जता रहा चीन, ड्रैगन का 43% हिस्सा अवैध कब्जा
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
Articles

भारत ही नहीं 23 देशों की जमीन पर हक जता रहा चीन, ड्रैगन का 43% हिस्सा अवैध कब्जा

Last updated: June 20, 2020 5:42 pm
Surabhi Saloni
Share
5 Min Read
प्रतीकात्मक तस्वीर
SHARE

चीन ने जिस तरह अक्साई चिन को हड़पा और अब पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी पर अपना कब्जा जमाने की नापाक कोशिश कर रहा है वह उसके लिए नया नहीं है। केवल भारत ही नहीं वह करीब दो दर्जन देशों की जमीनों पर कब्जा करना चाहता है। चीन की सीमा भले ही 14 देशों से लगती हो, लेकिन वह कम से 23 देशों की जमीन या समुद्री सीमाओं पर दावा जताता है। ला ट्रोबे यूनिवर्सिटी की एशिया सुरक्षा रिपोर्ट ने यह खुलासा किया है।

चीन अब तक दूसरे देशों की 41 लाख वर्ग किलोमीटर भूमि कब्जे में ले चुका है यह मौजूदा चीन का 43% हिस्सा है। यानी ड्रैगन ने अपनी विस्तारवादी नीति से पिछले 6-7 दशकों में अपने साइज को लगभग दोगुना कर लिया है और उसका लालच अभी खत्म नहीं हुआ है।

चीन ने 1949 में कम्युनिस्ट शासन की स्थापना के बाद से जमीन हथियाने की नीति शुरू कर दी थी। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 2013 में सत्ता में आने के बाद से चीन भारत से लगी सीमा पर मोर्चेबंदी तेज की। लेकिन उसे पहली बार इतनी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। आइए उसके कुछ अवैध कब्जों पर नजर डालें।

1.ईस्ट तुर्किस्तान
16.55 लाख वर्ग किमी का भूभाग। 1934 में पहले हमले के बाद 1949 तक चीन ने ईस्ट तुर्किस्तान पर कब्जा कर लिया। 45% आबादी वाले उइघुर मुस्लिमों के इस इलाके पर चीन जुल्म ढा रहा है।

2. तिब्बत
12.3 लाख वर्ग किमी वाले इस सुंदर प्राकृतिक देश पर चीन ने 07अक्टूबर 1950 को कब्जा कर लिया। 80% बौद्ध आबादी वाले तिब्बत पर हमला कर उसने अपनी सीमा का विस्तार भारत तक कर लिया। इसके अलावा उसे यहां अपार खनिज, सिंधु, ब्रह्मपुत्र,मीकांग जैसी नदियों का स्रोत मिल गया।

3. इनर मंगोलिया
11.83 लाख वर्ग किमी  भूभाग वाले इन मंगोलिया पर चीन ने अक्टूबर 1945 में हमला कर दिया और जमा लिया। 13 फीसदी आबादी वाले मंगोलों की आजादी की मांग को बुरी तरह कुचला डाला। यहां दुनिया का 25 फीसदी कोयला भंडार है। यहां की आबादी 3 करोड़ है।

4. ताइवान
35 हजार वर्ग किमी वाले समुद्रों से चारों ओर से घिरे ताइवान पर लंबे समय से चीन की नजर है। 1949 में कम्युनिस्टों की जीत के बाद राष्ट्रवादियों ने ताइवान में शरण ली। चीन अपना हिस्सा मानता है, लेकिन ताइवान डटकर उसके सामने खड़ा है। ताइवान को अमेरिकी समर्थन प्राप्त है और इसलिए चीन चाहकर भी उस पर हमला नहीं कर पा रहा है।

5. हांगकांग
चीन ने 1997 में हांगकांग पर जबरन कब्जा कर लिया। इन दिनों वह  राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू कर हांगकांग पर शिकंजा कसने की फिराक में है। 50.5 फीसदी चीन का विदेशी निवेश और व्यापार हांगकांग के जरिये ही आता है।

6. मकाउ
450 वर्ष के शासन के बाद 1999 में पुर्तगालियों ने चीन को मकाउ सौंप दिया।

7. भारत
चीन ने भारत के 38 हजार वर्ग किमी पर कब्जा कर रखा है। 14,380 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र अक्साई चिन का इसमें शामिल है। 5180 वर्ग किमी इलाका पीओके का पाक ने चीन को दिया।

8. पूर्वी चीन सागर
जापान से जद्दोजहद। 81 हजार वर्ग किमी के आठ द्वीपों पर चीन की नजर है। 2013 में चीन के वायु सीमा जोन बनाने से विवाद बढ़ गया था।

9. रूस से भी सीमा विवाद
रूस से 52 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर चीन का विवाद। 1969 में चीन की हमले की कोशिश, रूस से मुंह की खाई।

10. दक्षिण चीन सागर
इस क्षेत्र में 7 देशों से हड़पने की कोशिशताइवान, ब्रूनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, वियतनाम, सिंगापुर से तनाव है। 35.5 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले दक्षिणी चीन सागर 90% क्षेत्र पर दावा करता है। चीन ने पारसले, स्पार्टले द्वीपों पर कब्जा जमाकर सैन्य अड्डे बनाए। यहां से 33% यानी 3.37 लाख करोड़ का सालाना वैश्विक कारोबार  77 अरब डॉलर का तेल, 266 लाख करोड़ क्यूबिक फीट गैस भंडार है।

चीन की मुश्किल
चीन ने माना है कि आर्थिक गलियारा संकट में है। 40 फीसदी परियोजनाओं पर बुरा प्रभाव पड़ा है। 20 फीसदी प्रोजेक्ट बंद होने की कगार पर  हैं। 3.7 लाख करोड़ के गलियारे से 100 देश जुड़े थे।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article बिहार लौटे प्रवासी अब काम करने के लिए बाहर नहीं जाना चाहते : नीतीश कुमार
Next Article नागरिक विमानन मंत्री ने कहा- दूसरे देशों पर निर्भर है अंतरराष्ट्रीय विमानों की शुरुआत

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

डायरेक्टर संतोष डावखर की ‘गोंधळ’ का गेम-चेंजर मूव – 7 भाषाओं में 100% विज़ुअल डबिंग के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड!
entertainment
April 28, 2026
विक्की कौशल ने रितेश देशमुख से की खास मुलाकात
entertainment
April 28, 2026
तमिलनाडु चुनावः मतों की गिनती चार मई को 62 मतगणना केंद्रों पर की जाएगी
national
April 28, 2026
एम 4 एम मोटिव फॉर मर्डर, का ट्रेलर लॉन्च; मनोज नंदवाना चीफ गेस्ट, एक्ट्रेस जो शर्मा ने ₹ 1 लाख प्रतियोगिता की घोषणा
entertainment
April 28, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?