- हरिसिंह की जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट का अहम फैसला
जोधपुर। कोविंद 19 महामारी से विभिन्न प्रदेशों से राजस्थान पहुँचे लाखों बेरोजगार प्रवासी श्रमिकों के लिए राजस्थान हाईकोर्ट ने राहत भरा फैसला सुनाया हैं। पत्रकार हरिसिंह राजपुरोहित की ओर से प्रवासी श्रमिकों के हितों को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को यह अहम फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व याचिकाकर्ता की दलील सुनने के बाद अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि कोराणा महामारी से प्रभावित होकर अन्य प्रदेशों से लगभग 21 लाख प्रवासी राजस्थानी श्रमिक अपने मूल निवास लौटे हैं उनके व उनके भरण पोषण की पूर्ण व्यवस्था करावें। साथ ही हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में यह भी कहा कि उन सभी श्रमिको के रहने ,खाने पीने और उनके परिवार जनों के भरण पोषण की पूर्ण व्यवस्था राज्य सरकार करें।
हाईकोर्ट ने दूसरा अहम निर्णय सुनाते हुए कहा कि सभी माइग्रेंट श्रमिकों के लिए दीर्घ कालीन औऱ अल्प कालीन रोजगार भी उत्पन्न करें ताकि भविष्य में प्रवासी श्रमिकों को ऐसे हालात से नहीं गुजरना पड़े औऱ रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों की ओर नहीं जाना पड़े। हाईकोर्ट ने तीसरा औऱ अहम निर्णय सुनाते हुए कहा कि जो प्रवासी श्रमिक किसी कारणवश राजस्थान नहीं पहुँच पाए उनके लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को आधार मानकर उनकी व्यवस्था की जाए। गौरतलब है कि प्रवासी श्रमिको की घर वापसी को लेकर 12 मई 2020 को पत्रकार हरिसिंह राजपुरोहित की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थीं। हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच में
न्यायधीश संगीत लोढा औऱ न्यायधीश रामेश्वर व्यास की खंडपीठ ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए तीन बार मैराथन सुनवाई की औऱ फैसला सुरक्षित रखा था। राजस्थान सरकार की ओर से अतितिक्त महाधिवक्ता पंकज शर्मा ने पक्ष रखा औऱ याचिकाकर्ता हरिसिंह राजपुरोहित की ओर से जाने माने एडवोकेट मोतीसिंह राजपुरोहित ने पैरवी करते हुए प्रवासी श्रमिकों के हितों की पैरवी की।
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते मोतीसिंह राजपुरोहित हाईकोर्ट के माध्यम से राज्य सरकार से महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, केरल,आंध्र प्रदेश,तमिलनाडु,कर्नाटक,गोवा सहित अन्य प्रदेशों में फंसे लाखों प्रवासियों की घर वापसी औऱ उनके भरण पोषण और रोजगार की मांग की थी।
मैं माननीय उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करता हूँ। जिन्होंने लाखों श्रमिको के हितों से जुड़े इस अति संवेदनशील विषय पर अहम फैसला सुनाया। जिस प्रकार से माननीय उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई की थी और हमारे पक्ष को सुना था, इससे हमें पूर्व विश्वास था कि प्रवासी श्रमिको के हितों की रक्षा होंगी।
पत्रकार हरिसिंह राजपुरोहित, जनहित याचिकाकर्ता
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माननीय उच्च न्यायालय का फैसला 21 लाख प्रवासी श्रमिकों के जीवन में से जुड़ा अहम निर्णय हैं। हमें पूरी उम्मीद हैं राज्य सरकार इस फैसले पर खरा उतर कर श्रमिकों के कल्याण के लिए काम करेंगी।
मोतीसिंह, याचिकाकर्ता के वकील

