टी. दासरहल्ली। महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी की प्रबुद्ध शिष्या साध्वी श्री आणिमाश्रीजी ठाणा-5 का भिक्षु धाम से बंगलोर नगर प्रवेश हर्षोल्लास एवं जयनारो के साथ हुआ। ज्यो ही साध्वीवृन्द ने महानगर सिमा में प्रवेश किया, त्यों ही बंगलुरू सभा, तेयुप, महिलामंडल, टी. दासरहल्ली सभा तेयुप व महिला मंडल, विजयनगर तेयुप, राजाजी नगर भिक्षु धाम एवं अणुव्रत समिति के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों ने साध्वीवृन्द का स्वागत किया। लम्बे एवं भव्य जुलूस के साथ साध्वीवृन्द ने टी. दासरहल्ली तेरापंथ भवन में प्रवेश किया।
साध्वी श्री आणिमाश्रीजी ने अपने उदबोधन में कहा आज हमें अत्यंत प्रसन्नता है कि गुरुदेव द्वारा निर्दिष्ट क्षेत्र बंगलुरू में हम सानन्द पहुंच गए है। गुरु भक्ति, गुरु शक्ति एवं गुरु के प्रति अनुरक्ति शिष्य की हर बाधा का निराकरण कर देती है। ऐसा हम प्रतिपल अनुभव कर रहे है। सकल श्रावक समाज मे निर्भयता बनी रहे, सजगता बढ़ती रहे। तप-जप द्वारा अध्यात्म के जागरण की दिशा में प्रस्थान होता रहे, यह काम्य है। विहार -यात्रा में तेरापंथी सभा गांधीनगर एवं विजयनगर ने अपने दायित्व का बखुबी निर्वहन किया है।
साध्वी श्री ने कहा वर्तमान परिस्थिति में आ. महाश्रमण जी द्वारा प्रदत्त मंत्र ‘चइत्ता भारहं वासं’ रक्षा कवच का काम कर रहा है। आज पूज्यश्री का हैदराबाद के ओर मंगल विहार हुआ है। यह सामूहिक जप अनुष्ठान पदयात्रा की निर्विघ्न संपन्नता के लिए किया गया है। पूज्यप्रवर की ससंघ पदयात्रा कुशल क्षेम के साथ मानव जाति के लिए कल्याणकारी बने। साध्वी सुधाप्रभाजी एवं साध्वी मैत्रीप्रभाजी ने अपने भावों की सटीक प्रस्तुति दी। साध्वी कर्णिकाश्रीजी एवं समत्वयशाजी ने जप अनुष्ठान कराया।
गांधीनगर सभामंत्री प्रकाशजी लोढा, अभा-तेयुप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपचन्दजी नाहर, गांधीनगर तेयुप अध्यक्ष रोहित कोठारी, महिलामंडल अध्यक्षा शांति सकलेचा, टी. दासरहल्ली अध्य्क्ष लादुलालजी बाबेला, तेयुप से भगवती जी मांडोत, विजयनगर तेयुप अध्यक्ष महाबीर टेबा, सभा से राजेश चावत, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष कन्हैयालालजी चिपड ने अपने भावों की भक्तिपूर्ण प्रस्तुति देते हुए साध्वीवृन्द का स्वागत किया। भिक्षुधाम के अध्यक्ष धर्मिचन्दजी धोका, कोषाध्यक्ष नरेंद्र रासयोनि, जसवंतजी गठिया ने भिक्षुधाम एवं हनुमानमंदिर से मदनजी सोलंकी ने भावभीनी विदाई देते हुए नगर प्रवेश की मंगलकामना की। टी. दासरहल्ली महिला मंडल ने स्वागत गीत का संगान किया। साध्वी मंगलप्रज्ञाजी ने अपनी सहवर्ती साध्वीवृन्द के साथ गीत का संगान कर प्रवेश पर शुभकामनाएं संप्रेषित की, जिसे परिषद में सुनाया गया।
साध्वी आणिमाश्रीजी एवं साध्वी वृन्द का बंगलुरू नगर प्रवेश

