By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: मजदूरों की बेबसी पर घटिया राजनीति
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
Articles

मजदूरों की बेबसी पर घटिया राजनीति

Last updated: May 10, 2020 10:59 am
Surabhi Saloni
Share
4 Min Read
SHARE

कोरोना संकट के कारण अगर किसी के आगे सबसे ज्यादा गम्भीर संकट आया है तो वो है इस देश का मजदूर। उसके पास न रहने को मकान है न दो वक़्त की रोटी का जुगाड़। ऐसे संकट के समय में सभी राजनीतिक दल संवेदनहीन हो गए हैं। मजदूरों की इस दुर्दशा पर सभी एक दूसरे के ऊपर आरोप लगाकर अपनी घटिया मानसिकता का परिचय दे रहे हैं। सैंकड़ों किलोमीटर पैदल चल रहे भूखे प्यासे मजदूरों की हालत देखकर किसी का भी ह्रदय पिघल जाएगा लेकिन इन नेताओं की आंखों का पानी शायद सूख गया है। चलते-चलते पैरों में छाले पड़ गए हैं सरकारें प्रयास तो कर रही हैं लेकिन वो सिर्फ इतना जैसे ऊंट के मुहँ में जीरा। उससे राजनीतिक रोटियां तो सिक रही हैं, लेकिन उन मजदूरों का भला नहीं हो रहा। जो थक कर रेल की पटरियों पर हमेशा हमेशा के लिये सो गए। लाशों के ढेर पर राजनीति करने वाले नेता एक दूसरे के राज्य की गलती बता रहे हैं तथा मध्य प्रदेश की सरकार ने मुआवजे की घोषणा कर दी है लेकिन क्या इन पैसों से उन बच्चों के पिता को वापस लाया जा सकता है? क्या किसी के सुहाग को लौटाया जा सकता है?
अगर समय रहते सरकारें जाग गयी होतीं तो उन मजदूरों को बचाया जा सकता था। सभी प्रदेशों की सरकारें दावा कर रही हैं कि हम हर रोज लाखों गरीब मजदूरों को खाना खिला रहे हैं फिर भी मजदूर भूखा क्यों है? क्या सरकारों के दावे झूठे हैं? सच्चाई तो ये है कि इन मजदूरों को राज्य सरकारों ने भागने पर मजबूर कर दिया। इन्हें न रहने के लिये जगह मिली न खाने को रोटी।  इस संकट के समय में समाजसेवियों ने जरूर अपनी सामर्थ्य के अनुसार लोगों की मदद की है। राजनीतिक दलों के प्रवक्ता तो टीवी चैनल की डिवेट में ऐसे-ऐसे तर्क देते हैं जिनका मतलब नहीं होता है। हमारे देश के नेताओं के पास इतनी दौलत है। अगर उसका कुछ हिस्सा सबने मिलकर इन मजदूरों पर खर्च कर दिया होता तो शायद देश का मजदूर इतना मजबूर न होता। चुनाव प्रचार के नाम पर करोड़ो खर्च करने वाले नेता देश पर आए इस संकट की घड़ी में अपनी जेब से कुछ खर्च कर देते तो शायद गरीबों का कुछ भला हो जाता लेकिन अफसोस है कि किसी भी दल का कोई नेता इतनी हिम्मत न जुटा सका।
कांग्रेस पार्टी अपने को गरीबों की हितेषी कहती है इस संकट काल में देश के सभी मजदूरों को कुछ आर्थिक मदद दे देती तो उनके जख्मों पर कुछ मरहम लग जाता।
भारतीय जनता पार्टी ने भी लॉकडाउन से पहले इन मजदूरों के लिये कोई ठोस योजना नहीं बनाई। अगर इनके लिये भी कुछ सोचा होता तो शायद इन्हें ये दिन न देखने पड़ते। लगभग पचास दिन बाद भी मजदूर सड़कों पर पैदल चलते दिख रहे हैं तो इसके लिये जिम्मेदार कौन है?
आखिर कोई तो इनकी सुध ले लो ये बेबस मजदूर बहुत मजबूर हैं।
देश की सभी राजनीतिक पार्टियों के लिये ये आत्ममंथन का वक़्त है। ये वक़्त तो गुजर जाएगा लेकिन मजदूरों के दिलों पर जख्मों के निशान हमेशा रहेंगे।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान का ब्याज नहीं वसूलने की मांग पर सरकार से मांगा जवाब
Next Article अपनी आयकॉनिक फ़िल्मों की यादों को ताजा कर रही है निर्माता सुनीता गोवारीकर

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

डायरेक्टर संतोष डावखर की ‘गोंधळ’ का गेम-चेंजर मूव – 7 भाषाओं में 100% विज़ुअल डबिंग के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड!
entertainment
April 28, 2026
विक्की कौशल ने रितेश देशमुख से की खास मुलाकात
entertainment
April 28, 2026
तमिलनाडु चुनावः मतों की गिनती चार मई को 62 मतगणना केंद्रों पर की जाएगी
national
April 28, 2026
एम 4 एम मोटिव फॉर मर्डर, का ट्रेलर लॉन्च; मनोज नंदवाना चीफ गेस्ट, एक्ट्रेस जो शर्मा ने ₹ 1 लाख प्रतियोगिता की घोषणा
entertainment
April 28, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?