बहनोई के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौटने के क्रम में बुधवार की शाम हुई हत्या, नक्सल गिरोह का माना जा रहा हाथ
खगड़िया (बिहार) से पंकज श्रीवास्तव/गौतम सिन्हा। खगडि़या जिला के फरकिया क्षेत्र सहित आपसास के कई जिलों में बीते दो दशक से अपना आपराधिक साम्राज्य स्थापित करने वाले कुख्यात बाहुबली रामानंद यादव उर्फ पहलवान सहित उनके दो सहयोगी की बुधवार शाम हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप क्षेत्र में पांव पसार रहे नक्सल गिरोह पर पर लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि इलाके में अपना साम्राज्य स्थापित कर चुके रामानंद पहलवान नक्सलियों के विरुद्ध पुलिस के सहयोगी की भुमिका में थे। जिसके कारण नक्सल गिरोह कोशी क्षेत्र में अपना पैर नहीं जमा पा रहे थे। खगडि़या, सहरसा सहित आसपास के जिले के आपराधिक गिरोह का सरगना माने जाने वाले पहलवान के अड्डा तक पुलिस का भी पंहुचना अब तक नामुमकिन साबित हो रहा था। फरकिया क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति व पहलवान के खौफ के कारण पुलिस भी उनके अड्डे तक नहीं पंहुच सकती थी। यहां तक कि राज्य स्तर से तैयार किए गए एसटीएफ टीम को भी कई बार खाली हाथ लौटना पडा़ था। ऐसे में पहलवान के साथ उनके दो सहयोगी की हत्या की खबर खगडि़या सहित आसपास के जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि स्थानीय सुत्र इसके पीछे नक्सली गिरोह का हाथ होने की बात कह रहे हैं। बहरहाल कुख्यात रामानंद एवं उनके दो सहयोगी की हत्या की घटना के बाद खगडि़या पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है। जबकि इलाके में एक बार फिर से नक्सली गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। मालूम हो कि खगडि़या जिले के अलौली थाना क्षेत्र स्थित हथवन पंचायत के मौरकाही गांव निवासी बाहुबली रामानंद यादव के भाई तथा हथवन के पूर्व मुखिया राजेन्द्र यादव की भी हत्या आपसी रंजिश में उनके घर पर ही बीते डेढ़ वर्ष पूर्व प्रतिद्वंदी आपराधिक गिरोह द्वारा कर दी गई थी। वहीं बीते वर्ष दिसबंर माह में रामानंद पहलवान के चचेरे भाई व आनंदपुर मारन पंचायत के मुखिया लालो यादव की भी हत्या कर दी गई थी। लालो यादव घटना के कुछ दिन पूर्व ही पूर्व मुखिया पदमलाल राय की हत्या मामले में जमानत पर रिहा हुए थे। बताते चलें कि रामानंद गिरोह का आतंक और दबदबा फरकिया सहित आसपास के कई जिलों में है। ऐसे में पहलवान की हत्या के बाद कोशी इलाके में गैंगवार की आशंका बढ़ गई है।

