नई दिल्ली: राजधानी के नामी अस्पताल सफदरजंग में काम करने वालीं दो महिला डॉक्टरों के साथ बदसलूकी के मामले में दिल्ली पुलिस ने 44 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले शिकायत के आधार पर व्यक्ति के खिलाफ पुलिस ने बुधवार शाम को ही मामला दर्ज कर लिया था। बताया जा रहा है कि दोनों महिला डॉक्टर सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में तैनात हैं। शिकायत पर बुधवार देर रात दिल्ली पुलिस ने 44 साल के व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि बुधवार को ही सफदरजंग अस्पताल में काम करने वाली 2 महिला डॉक्टरों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया था। बताया जा रहा है कि जब दोनों महिला डॉक्टर किसी जरूरी काम से घर से बाहर आई तो कुछ पड़ोसियों ने दोनों पर कोरोना वायरस संक्रमण फैलाने का आरोप लगाते हुए उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। समझाने पर वे नहीं मानें यहां तक दोनों महिला डॉक्टरों को लगातार धमकाते रहे।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर्स रेजिडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष ने ही पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया है कि अस्पताल के इमरेंजी सेवाओं वॉर्ड में तैनात दोनों महिला डॉक्टर एक ही जगह रहती हैं। बुधवार को जब वे घर के पास स्थित मार्के में फल-सब्जी की खरीदारी करने गईं तो पड़ोसी दोनों पर कोरोना वायरस फैलाने का आरोप लगाने लगे।
हाथापाई करने का भी आरोप
दोनों महिला डॉक्टरों ने पुलिस थाने में दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि पड़ोसियों ने न केवल हम पर कोरोना वायरस संक्रमण फैलाने का आरोप लगाया, बल्कि मना करने पर हाथापाई तक करने लगे। इस बाबत जब दोनों डॉक्टरों ने डॉक्टर्स रेजिडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष को जानकारी दी, उन्होंने इस बारे में पुलिस में मामला दर्ज कराने की बात कही है। इसके बाद मामला दर्ज कर पुलिस ने 44 वर्षीय एक व्यक्ति को महिला डॉक्टरों के बदसलूकी और उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
यह है पूरा मामला
महिला डॉक्टर गौतम नगर में रहती हैं। बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपनी एक सहयोगी डॉक्टर के साथ गौतम नगर के हनुमान मंदिर के पास फल लेने आई थीं। तभी गांव के एक व्यक्ति ने उनसे कहा कि तुम लोग अस्पताल में काम करती हो और गांव में कोरोना वायरस का संक्रमण लेकर आती हो। तुम लोगों को यहां नहीं रहना चाहिए। इस पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी। इसी दौरान आरोपित व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि उसने डॉक्टर को घुसे मारे और गाली दी। महिला डॉक्टरों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो स्थानीय लोगों ने आरोपित का बचाव किया और मौके से भागने में मदद की।
बता दें कि दिल्ली में यह पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। इस बाबत केंद्र सरकार और दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार भी कड़ी कार्रवाई की बात कह चुकी है।

