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प्रधानमंत्री की अपील- 22 मार्च को देशवासी जनता कर्फ्यू का पालन करें

Last updated: March 19, 2020 8:40 pm
Surabhi Saloni
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7 Min Read
File Photo
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना संकट को लेकर राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया इस महामारी की चपेट में है। मुझे देशवासियों से एक हफ्ते का वक्त चाहिए। हम कोरोना से बच गए, ये सोचना अभी ठीक नहीं है। हमें बचाव के लिए खुद भीड़ में न जाने का संकल्प लेना होगा, इसके अलावा बुजुर्ग भी कुछ हफ्ते घरों से न निकलें। मेरी सभी से अपील है कि 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करें।

मोदी ने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, ‘‘मेरे प्यारे देशवासियो! पूरा विश्व इस समय संकट के बहुत बड़े गंभीर दौर से गुजर रहा है। आम तौर पर कभी जब कोई प्राकृतिक संकट आता है तो कुछ देशों या राज्यों तक ही सीमित रहता है। इस बार ये संकट ऐसा है, जिसने विश्व भर की पूरी मानव जाति को संकट में डाल दिया है। जब प्रथम विश्व युद्ध हुआ था। कोरोना की इस बीमारी से पिछले दो महीने से हम निरंतर दुनियाभर से आ रही चिंताजनकर खबरें देख रहे हैं, सुन रहे हैं। इन दो महीनों में भारत के 130 करोड़ नागरिकों ने कोराेना जैसी वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है। सभी देशवासियों ने आवश्यक सावधानियां बरतने का भरसक प्रयास भी किया है, लेकिन बीते कुछ दिनों से एक ऐसा माहौल बन गया है जैसे हम संकट से बचे हुए हैं।’’

आप मुझे एक हफ्ते दीजिए

‘‘ऐसा लग रहा है कि सब ठीक है। वैश्विक महामारी कोराना से निश्चिंत हो जाने की यह सोच सही नहीं है। इसलिए प्रत्येक भारतवासी का सजग रहा, सतर्क रहना बहुत आवश्यक है। साथियो! आपसे मैंने जब भी जो भी मांगा है, मुझे कभी भी देशवासियों ने निराश नहीं किया है। ये आपके आशीर्वाद की ताकत है कि हम सब मिलकर अपने निर्धारित लक्ष्यों की तरफ आगे बढ़ रहे हैं और सफल भी हुए हैं। आज मैं आप सभी देशवासियों, 130 करोड़ देशवासियों से, आप सभी से कुछ मांगने आया हूं। मुझे आपके आने वाले कुछ सप्ताह चाहिए। आपका आने वाला कुछ समय चाहिए। मेरे प्यारे देशवासियो! अभी तक विज्ञान कोरोना महामारी से बचने के लिए कोई निश्चित उपाय नहीं सुझा सका है और न ही इसकी कोई वैक्सीन बन पाई है। ऐसी स्थिति में हर किसी की चिंता बढ़नी बहुत स्वाभाविक है। दुनिया के जिन देशों में कोरोना का वायरस और उसका प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है, वहां अध्ययन में एक और बात सामने आई है। इन देशों में शुरुआती कुछ दिनों के बाद अचानक बीमारी का जैसे विस्फोट हुआ है। इन देशों में कोरोना से संक्रमित देशों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। भारत सरकार स्थिति पर इस वैश्विक महामारी के फैलावे के ट्रैक रिकॉर्ड पर पूरी तरह नजर रखे हुए है। हालांकि, कुछ देश ऐसे भी हैं, जिन्होंने आवश्यक निर्णय भी किए और अपने यहां के लोगों को ज्यादा से ज्यादा आइसोलेट करके स्थिति को संभाला है और उसमें नागरिकों की भूमिका बहुत अहम रही है।’’

130 देशवासियों को संकल्प लेना होगा

‘‘भारत जैसे 130 करोड़ की आबादी वाले विकास के लिए प्रयत्नशील देश पर कोरोना का संकट सामान्य बात नहीं है। आज जब बड़े-बड़े विकसित देशों में महामारी का व्यापक प्रभाव देख रहे हैं तो भारत पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, यह मानना गलत है। इसलिए इस वैश्विक महामारी का मुकाबला करने के लिए दो प्रमुख बातों की आवश्यकता है। पहला- संकल्प। दूसरा- संयम। संकल्प और संयम। आज 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा कि हम इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के नाते कर्तव्य का पालन करेंगे। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे। आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों काे भी संक्रमित होने से बचाएंगे।’’

हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना जरूरी है

‘‘साथियो! इस तरह की वैश्विक महामारी में एक ही मंत्र काम करता है। हम स्वस्थ, तो जगत स्वस्थ। ऐसी स्थिति में जब इस बीमारी की कोई दवा नहीं है, तब हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना पहली आवश्यकता है। इस बीमारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए दूसरी अनिवार्यता है संयम। और संयम का तरीका क्या है? भीड़ से बचना, घर से बाहर निकलने से बचना, आजकल जिसे सोशल डिस्टेंसिंग कहा जा रहा है। कोरोना वैश्विक महामारी के इस दौर में सोशल डिस्टेंसिंग ज्यादा आवश्यक और कारगर है। हमारा संकल्प और संयम इस वैश्विक महामारी को कम करने में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। अगर आप को लगता है कि आप ठीक हैं आपको कुछ नहीं होगा। आप ऐसे ही मार्केट में सड़कों पर जाते रहेंगे तो कोरोना से बचे रहेंगे तो ये सोच नहीं है। ऐसा करके आप अपने और अपने परिवार के साथ अन्याय करेंगे। मेरा देशवासियों से आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक जब बहुत जरूरी हो, तभी अपने घर से बाहर निकलें। चाहे काम ऑफिस, बिजनेस से जुड़ा हो, वह काम घर से ही करें। जो सरकारी सेवाओं में हैं, अस्पताल से जुड़े हैं, मीडियाकर्मी हैं, जनप्रतिनिधि हैं, उनकी सक्रियता तो आवश्यक है। लेकिन समाज के सभी लोगों को बाकी भीड़भाड़ से बाकी समारोहों से आइसोलेट करना चाहिए।’’
देश में अभी 171 लोग संक्रमित हैं

देश में अभी तक कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 171 हो गई है। बुधवार को एक दिन में ही 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बुधवार को 28 नए मामले सामने आए। एक दिन में सामने आए संक्रमण के केसों की यह सबसे ज्यादा संख्या है। पश्चिम-बंगाल और पुडुचेरी में नए मामले सामने आए।

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