नई दिल्ली:टूर्नामेंट शुरू होने से पहले जिन दो टीमों के टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने की सबसे ज्यादा संभावना थी आखिर में वैसा ही हुआ। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहली बार टी-20 विश्व कप का फाइनल खेला जाएगा। भारत ने जहां पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है वहीं ऑस्ट्रेलिया इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है और उसने छठी बार फाइनल मुकाबले में प्रवेश किया है। कंगारू टीम ने चार बार विश्व कप का खिताब जीता था जबकि एक बार वो रनर रही है। भारत ऑर ऑस्ट्रेलिया के बीच टी-20 विश्व कप में खेले गए मैचों के नतीजों पर नजर दौड़ाई जाए तो मुकाबला फिलहाल बराबरी पर चल रहा है। अब तक हुए चार मैचों में दोनों टीमों ने दो-दो मैच जीते हैं।
भारत को जहां पहले सेमीफाइनल में बिना खेले ही फाइनल में जगह मिल गई वहीं ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीकी टीम को डकवर्थ लुइस मैथड के हिसाब से पांच रन से हराकर फाइनल मुकाबले में एंट्री ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला सेमीफाइनल मैच बिना गेंद फेंके ही बारिश की वजह से रद्द हो गया। चूंकि भारत ने ग्रुप ए में सभी चारों मैच जीते थे। इससे उसको फायदा हुआ और टीम ने पहली बार फाइनल मुकाबले में जगह बनाई।
आइए नजर डालते हैं दोनों देशों के बीच टी-20 विश्व कप में खेले गए मैचों पर
पहला मैच- सेमीफाइनल मैच, ग्रॉस आइलेट-वेस्टइंडीज (13 मई, 2010)
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 119 रनों का स्कोर बनाया। टीम की ओर से पूनम रावत ने सर्वाधिक 44 रनों की पारी खेली। इसके अलावा हरमनप्रीत कौर ने रन आउट होने से पहले 24 रन बनाए। भारत से मिले 120 रनों के लक्ष्य के जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने एलेक्स ब्लैकवेल(61) और ली पुलटोन(30) की दमदार पारियों से आसानी से लक्ष्य पा लिया। भारत की ओर से प्रियंका रॉय ने दो विकेट झटके।
मैच का नतीजा- ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच सात विकेट से अपने नाम किया।
दूसरा मैच- ग्रुप ए मैच, गॉल-श्रीलंका (27 सितम्बर 2012)
भारत ने इस मैच में पहले खेलते हुए 20 ओवरों में 104 रन बनाए। टीम की तरफ से पूनम रावत ने 21 जबकि मिताली राज-हरमनप्रीत कौर ने 18-18 बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से एरिस ऑसबोर्न ने तीन जबकि जूली हंटर ने दो विकेट लिए। 105 रन के जबाव में ऑस्ट्रेलिया ने मात्र दो विकेट खोकर ही जरूरी रन बना लिए। सलामी बल्लेबाज मैग लैनिंग ने 39 और जेस डफिन ने 36 रनों की पारी खेली। भारत की ओर से झूलन गोस्वामी और शुभलक्ष्मी शर्मा ने 1-1 विकेट झटका।
मैच का नतीजा- ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट से यह मैच अपनी मुट्ठी में किया।
तीसरा मैच-ग्रुप बी मैच, प्रोविडेंस-वेस्टइंडीज (17 नवंबर, 2018)
महिला क्रिकेट टीम ने पहले बैटिंग करते हुए स्मृति मंधाना(83) और हरमनप्रीत कौर(43) की जोरदार पारियों के दम पर 167 रनों का मजबूत स्कोर बनाया। कंगारू टीम की ओर से एलिस पैरी और डेलिसा किमिंस-गार्डनर ने दो-दो विकेट लिए। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम 119 रनों पर ही ढेर हो गई। भारत की ओर से अनुजा पाटिल ने तीन जबकि पूनम-दीप्ति और राधा ने दो-दो विकेट चटकाए।
मैच का नतीजा- भारत ने यह मैच 48 रनों के अंतर से जीता
चौथा मैच-ग्रुप ए मैच, सिडनी-ऑस्ट्रेलिया (21 फरवरी, 2020)
यह मैच इस विश्व कप का पहला मैच था। भारत ने पहले खेलते हुए 132 रन बनाए। इसमें दीप्ति शर्मा (49) और शैफाली वर्मा (26) का सबसे ज्यादा योगदान रहा।
इस लक्ष्य के सामने ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही लेकिन टीम एलिसा हीली(51) और एशलेग गार्डनर(34) की पारियों के बावजूद आखिर में बिखर गई और 17 रन से मैच गंवा दिया। भारत की ओर से पूनम यादव ने चार जबकि शिखा पांडे ने तीन विकेट झटके।

