डोम्बिवली। तेरापंथ धर्मसंघ के सूर्य शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्य शासन श्री सोमलता जी एवं साध्वी वृंद गुरु इंगिता अनुसार डोम्बिवली चातुर्मास के परिसंपन्नता के पश्चात महाराष्ट्र के कोल्हापुर में गुरुदेव के दर्शनार्थ पहुंचेी। इस पावन अवसर पर डोम्बिवली सभा अध्यक्ष सुरेश सिंघवी के नेतृत्व में करीब 150 लोगों की टीम जिमसें डोम्बिवली सभा, तेरापंथ युवक परिषद्, महिला मंडल, कन्या मंडल एवं समाज के वरिष्ठ श्रावक-श्राविकाएं शामिल थी. शासन श्री सोमलता जी एवं साध्वी वृंद के श्री चरणों में पहुंचने से पहले करीब 4 किलोमीटर की अहिंसा रैली निकाली गई इस रैली में भारी संख्या में श्रावकों की उपस्थिति रही. इस समारोह की गरिमा तब और बढ़ गई जब एक से तीन सिंघाड़े हो गए जिसमे शासन श्री साध्वी सोमलता जी, शासन श्री साध्वी श्री पद्मावती जी, साध्वी शिवमाला जी एवं साध्वी वृन्द आचार्य श्री के दर्शनार्थ एक साथ पंडाल में पहुंचे।
इस अवसर पर पूरा पंडाल जय जय ज्योति चरण जय जय महाश्रमण के जय घोष से गूंज उठा. करीब 6 वर्षो बाद गुरुदेव के दर्शन पाते ही सभी चारित्रात्माओं के मन प्रफुल्लित हो उठे।
शासन श्री साध्वी सोमलता जी ने कहा की गुरुदेव आप श्री ने महत्ती कृपा हम साध्वियों पर बरसाई की आपने हमें दर्शन करने का अवसर प्रदान किया साथ ही कहा की आप श्री ने डोम्बिवली में मेरा चातुर्मास फ़रमाया जहा की धरा बेहद उपजाऊ हैं. सभा, परिषद्, महिला मंडल, कन्या मंडल, किशोर मंडल एवं श्रावक समाज एक जागरूक समाज हैं। मुंबई से सटा हुआ एक टापू जरूर है पर धर्म संघ से जुडी हर गतिविधि एवं गुरु इंगित को पूरा श्रावक समाज सिरोधार्य करता हैं। अगर यहाँ हमेशा चरित्रात्माओं का आगमन होता रहे तो इस उपजाऊ भूमि पर अच्छी फसल भविष्य में तैयार हो सकती हैं।
डोम्बिवली सभा अध्यक्ष सुरेश सिंघवी ने कहा की गुरुदेव सम्पूर्ण डोम्बिवली श्रावक समाज आप के प्रति कृतग्यता ज्ञापित करता है की मुंबई के दूसरे छोर पर स्थित डोम्बिवली में शासन श्री साध्वी सोमलता जी एवं साध्वी वृंद का चातुर्मास हमें प्रदान किया। शासन श्री ने डोम्बिवली में एक अलग सी ऊर्जा का मानो संचार किया। जिस वजह से डोम्बिवली तपोवली बन गई। हर वर्ग के श्रावकों ने छोटी बड़ी हर तरह कीतपस्या कर कर्म निर्जरा का लाभ उठाया। गुरुदेव सम्पूर्ण श्रावक समाज की ओर से निवेदन करता हूँ की डोम्बिवली को हर वर्ष चातुर्मास का लाभ प्रदान करें साथ ही 2023 मुंबई की धरा को पावन करने आप श्री के चरण पड़ने वाले हैं ऐसे में आप श्री डोम्बिवली को कोई बड़ा प्रोग्राम फरमाएं। साथ ही कहा की डोम्बिवली में सभा, परिषद्, महिला मंडल, कन्या मंडल एवं किशोर मंडल गुरु इंगिता अनुसार सभी कार्यो को सुचारु रूप से कर रहे हैं। साथ ही आचार्य तुलसी के नाम से शुरू की गई एटीडीसी सेण्टर सुचारु रूप से संचालित हो ही रहा है जिसका विस्तार करते हुए दो कलेक्शन सेंटर्स की शुरुआत की गई हाँ। तेयुप अध्यक्ष राकेश कोठारी ने कहा की गुरुदेव आप श्री की कृपा से इस बार के चातुर्मास ने सभी युवाओं में एक अलग सी ऊर्जा का संचार शासन श्री साध्वी सोमलता जी एवं साध्वी वृंद के माध्यम से हुआ।
इस अवसर पर श्री महाश्रमण जी ने श्रावकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि शास्त्र में कहा गया हैं कि परम विजय किसकी होती हैं। एक योद्धा जो हजारों सैनिकों को हरा कर विजयी हो जाता हैं पर परम विजयी नही होता हैं। पर जो व्यक्ति अपनी आत्मा को जीत लेता हैं वह परम विजयी कहलाता हैं। दुसरो पर विजय पाना आसान होता है स्वयं पर विजय पाना कठिन पर परम विजयी कहलाता हैं। बीमारी का पता लगाने के बाद ही इलाज़ संभव हैं। उसी तरह से अपने जीवन के कसायों को जान कर उन्हें त्यागने के बाद ही मोक्ष की ओर बढ़ सकते हैं। कार्य के साथ साथ कारण को भी देखना चाहिए। पंखे की पत्तियां क्यों घूम रही है उसके कारण को जानना होता हैं। साथ ही डोम्बिवली के 2023 को लेकर किये गए निवेदन पर कहा कि संपर्क में बने रहे।
अंत में डोम्बिवली की ओर श्रावक समाज द्वारा सुन्दर गीतिका का संगान सामूहिक तौर पर किया गया। इस गीतिका ने सभी को गुरु भक्ति में मानो लीन कर दिया हो। इस अवसर पर अभातेयुप से जगदीश परमार, मुंबई सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भगवतीलाल पटवारी, सभा उपाध्यक्ष नरेश मादरेचा, ओम प्रकाश कोठारी, प्रकाश मेहता, लक्ष्मीलाल मादरेचा, प्रकाश कच्छारा, सभा मंत्री कैलाश सियाल, सह मंत्री विनोद सिंघवी, संगठन मंत्री कांतीलाल कोठारी, प्रचार मंत्री महावीर बंडाला, अहिंसा संवाय मंच अध्यक्ष सोहनलाल सिंघवी, कोषाध्यक्ष दिनेश कच्छारा, तेयुप मंत्री ललित पुनमिया, कोषाध्यक्ष अनिल चंडालिया, पूर्व तेयुप अध्यक्ष ललित सिंघवी, पूर्व मंत्री सुरेश बैद, पूर्व कोषाध्यक्ष ललित परमार, मुंबई महिला मंडल सह मंत्री सरोज सिंघवी, डोम्बिवली महिला मंडल संयोजिका मधु कोठारी, सह संयोजिका अनिता बंडाला, कन्या मंडल सयोजिका प्रेक्षा बडाला,सह संयोजिका रिंपल सिंघवी आदि की उपस्थिति रही।
डोम्बिवली तेरापंथ समाज दर्शनार्थ पहुंचा श्री चरणों में

