जालना से बीड की ओर बढ़ते हुए साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ठाणा-7 का प्रवास गेवराई में
जालना। जालना से बीड की और बढ़ते हुए आचार्यश्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ठाणा -7 का प्रवास गेवराई के अनमोल विद्यालय की अध्यक्ष श्रीमती – वैशाली देशमुख के निवासस्थान पर रहा। साध्वीश्रीजी ने अनमोल विद्यालय के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा – विद्यार्थी जीवन पौधों की तरह है , जिसे उचित सिंचन ,खाद और धुप मिलने पर एक दिन महावृक्ष का रूप धारण कर लेता है। छोटे छोटे विद्यार्थियों के मन मे भविष्य के सूंदर सपने है। वे भी बड़े होकर परिवार, समाज और राष्ट्र की सेवा करना चाहते है, पर यह तब ही संभव है जब उन्हें बचपन से अच्छे संस्कार मिले । जो बच्चे बुरी आदतों के रास्ते पर नहीं जाते है – वे अपने जीवन को शक्ति संपन्न बना लेते है। साध्वीश्रीजी ने बच्चो को विद्यार्थी अणुव्रत संकल्प करवाने के साथ – भोजन या अध्ययन के समय में टी.वी , मोबाइल आदि से दुरी बनाए रखने का संकल्प करवाया।
महाप्राण ध्वनि के प्रयोग की महत्ता को समझाते हुए कहा- यह छोटा सा प्रयोग आपकी एकाग्रता को बढ़ाएगा स्मृति को प्रखर बनाएगा एवं आपको तनावमुक्त रखेगा। सभी विद्यार्थियों ने महाप्राण ध्वनि का प्रयोग बड़ी तन्मयता के साथ किया।
विद्यालय की अध्यक्ष – श्रीमती वैशाली देशमुख ने साध्वीश्री जी का हार्दिक स्वागत किया। विद्यालय का अवलोकन करने के पश्चात साध्वीश्रीजी ने जीवन मूल्यों के सन्दर्भ मे श्रीमती देशमुख की अनेक जिज्ञासाओं को समाहित किया।
तेरापंथ सभा बीड के सदयस्य एवं महिला मंडल तथा युवक परिषद् के सदस्य मार्गवर्ती उपासना का कार्य जागरूकता के साथ कर रहे है। 28 फरवरी तक साध्वीश्री जी का पर्दापण बीड तेरापंथ भवन मे होगा। यह जानकारी सेठिया -जालना ने दी।
जालना: अनमोल विद्यालय के विद्यार्थियों को मिली संस्कारो की सीख

