नई दिल्ली:पाकिस्तान और चीन की किसी भी हरकत से तत्काल निपटने के लिए देश में छह से आठ थियेटर कमान का गठन किया जा सकता है। ये कमान थल, जल और नभ सेना की शक्तियों से लैस होंगी। हर थियेटर कमान का एक अलग चीफ होगा। अभी थियेटर कमान का पूरा खाका तैयार नहीं है, लेकिन थियेटर कमान का प्रमुख सीधे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के अधीन भी लाया जा सकता है।
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के अनुसार, थियेटर कमान भविष्य की जरूरत है और यह दुश्मन के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम होंगी। बता दें कि चीन ने हाल में पांच थियेटर कमान बनाई हैं। सूत्रों का कहना है कि देश में थियेटर कमान की संख्या अभी तय नहीं की गई हैं, लेकिन यह छह से आठ के बीच में हो सकती हैं। मुख्यत उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी थियेटर कमान बनाने का विचार है, लेकिन एक दिशा में एक से अधिक थियेटर कमान हो सकती हैं। इस पर अभी फैसला होना बाकी है।
रावत ने कहा कि थियेटर कमान के पास तीनों सेनाओं की ताकत होगी और हर कमान का एक प्रमुख होगा। इनके गठन, संचालन एवं नियंत्रण आदि मुद्दों को अभी तय किया जाना है। उन्होंने तीन साल में इस प्रक्रिया के पूरी होने की उम्मीद जताई। हर थियेटर कमांड का एक हेडक्वार्टर होगा। हाल में गठित किये गये सैन्य मामलों के विभाग और सीडीएस को जो जिम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें सेना का पुनर्गठन एक प्रमुख कार्य है।
मौजूदा कमान कितनी
अभी सेना की सात, वायुसेना की छह तथा नौसेना की तीन कमान हैं। अंडमान निकोबार में एक ट्राई सर्विस कमान है। इसमें सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों शामिल हैं। थियेटर कमान बन जाने के बाद ये कमान रहेंगी या नहीं रहेंगी, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन योजना यह है कि थियेटर कमान ही असल युद्धक भूमिका में होंगी।
ये नई कमान होंगी
1. एयर डिफेंस : रावत ने कहा कि थियेटर कमान के अनुरूप ही एक संयुक्त एयर डिफेंस कमान भी बनेगी। अभी थल, नभ और नौसेना का एयर डिफेंस का अपना-अपना तंत्र है। इसे मिलाकर एक एयर डिफेंस कमान बनाई जाएगी। इससे देश में दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम करना संभव होगा।
2. लॉजिस्टिक : इसके अलावा संसाधनों की उपलब्धता, देखरेख और परिवहन आदि को लेकर एक लाजिस्टिक थियेटर कमान बनाई जाएगी।
3. स्पेस : थियेटर कमान बनाने के बाद स्पेस को लेकर एक अलग कमान के गठन का भी प्रस्ताव है।

