नई दिल्ली: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मोदी सरकार 2.0 का बजट 2019-20 पेश कर दिया है। संसद में आम बजट पेश होने के साथ ही राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी भी शुरू हो गई हैं। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चुनौतियों का सामना कर रही मोदी सरकार पर विपक्ष ने हमला बोला है। वहीं, मोदी सरकार के मंत्रियों ने बजट की सराहना की है।
खोखला बजट
राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य मुद्दा बेरोजगारी है। मैंने ऐसा कोई रणनीतिक विचार नहीं देखा, जिससे हमारे युवाओं को रोजगार मिले। मैंने सामरिक चीजें देखीं लेकिन कोई केंद्रीय विचार नहीं था। यह सरकार की मानसिकता है, सभी बात करते हैं, लेकिन कुछ भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल बातें करती है और कुछ भी ठोस नहीं है। राहुल ने कहा कि शायद यह इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण था। लेकिन इसमें कुछ भी नहीं था, यह खोखला था।
दिवालिया सरकार की दिवालिया बजट
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि ये दिवालिया सरकार का दिवालिया बजट है। बीजेपी अर्थव्यवस्था को लेकर नाकाम है। यूपी में बीजेपी की सरकार है, लेकिन इन्वेस्टमेंट लाने के नाम पर कुछ नहीं था। रोजगार कैसे पैदा होगा, मोदी सरकार बेरोजगारी के मसले को कैस दूर करेगी। ये बजट आंकड़ों का मकड़जाल था ताकि अन्य मद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।
निराशाजनक और हवाई सपने दिखाने वाला बजट: कमलनाथ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केन्द्र सरकार के वर्ष 2020-21 के आम बजट को देश के लिए निराशाजनक और हवाई सपने दिखाने वाला बजट बताते हुए आज कहा कि इसमें गांव, गरीब, किसानों, युवा, राेजगार और महिला की सुरक्षा को लेकर कुछ भी नहीं है। कमलनाथ ने ट्वीट कर केन्द्र के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा ‘आज देश की वित्त मंत्री द्वारा पेश आम बजट का भाषण लंबा ज़रूर है, लेकिन पूरी तरह से आंकड़ो का मायाजाल होकर, देश के लिए निराशाजनक व हवाई सपने दिखाने वाला है।
आशाजनक और प्रगतिशील बजट
अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट करके कहा ‘दुश्मन न करे दोस्त ने जो काम किया है, साल भर का गम, गरीबों पर जुल्मो सितम, फिर से जनता को इनाम दिया है।’ वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि निर्मला सीतारमण बजट का गणित समझाने में विफल रही हैं। 4.8% की जीडीपी वृद्धि के साथ 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य एक पाइप ड्रीम है।
विकासोन्मुखी बजट
वर्ष 2020-21 के लिए पेश किए गए केंद्रीय बजट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर को इस विकासोन्मुखी बजट के लिए बधाई देता हूं। यह बजट विकास और किसानों की बेहतरी की ओर ले जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नए दशक का पहला बजट आज वित्त मंत्री ने पेश किया। ये आशाजनक और प्रगतिशील बजट है, जो आने वाले वर्षों में भारत को स्वस्थ और समृद्ध बनाएगा।
बजट अर्थव्यवस्था को 5 खरब करने वाला
नितिन गडकरी बोले “विकास का एक नया युग यहां से शुरू होता है। बजट 91 हजार करोड़ का है, जिससे साफ होता है कि 10.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।” इस बजट में एमएसएमई लोन की रीस्ट्रक्चरिंग की अवधि बढ़ा दी गई है। बजट में जूते-चप्पल उद्योग और चमड़ा उद्योग के लिए बड़ा अवसर दिया गया है। बजट में कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है। इससे निर्यात बढ़ेगा और जूता उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे आयात में कमी आएगी।गडकरी ने कहा कि बजट से आर्थिक विकास में तेजी आएगी। रोजगार सृजन होगा। बजट में 100 लाख करोड़ के छह हजार प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इससे रोजगार का बड़े स्तर पर सृजन होगा। फर्नीचर पर कस्टम ड्यूटी बड़ाई गई है, इससे घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। लघु और मध्यम उद्योग के बजट में 7512 करोड़ बढ़ाया गया है।”कुल मिलाकर बजट रोजगारन्मुखी, निर्यात बढ़ाने वाला और विकास बढ़ाने वाला है। इस बजट से 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे रोजगार बढ़ेगा।
कर व्यवस्था को सरल करेगा
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये बजट देश के सभी क्षेत्रों में चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। व्यक्तिगत आय करों में कमी एक स्वागत योग्य कदम है। यह ईमानदार कर दाताओं को राहत देगा और कर व्यवस्था को सरल करेगा।
दिल्ली वालों के साथ सौतेला व्यवहार
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा ‘दिल्ली को बजट से बहुत उम्मीदें थी। लेकिन एक बार फिर दिल्ली वालों के साथ सौतेला व्यवहार हुआ। दिल्ली भाजपा के प्राथमिकताओ में आता ही नहीं, तो दिल्ली वाले भाजपा को वोट क्यों दे? सवाल ये भी है की चुनाव से पहले ही जब भाजपा दिल्ली को निराश कर रही है तो चुनाव के बाद अपने वादे निभाएगी’?
उद्योगपतियों ने क्या कहा-
बायोकॉन लिमिटेड की चेयरमैन एंड एमडी किरण मजूमदार ने कहा कि वित्त मंत्री ने भारत में कर उत्पीड़न समाप्त करने का वादा किया है। सही कंपनियां कई गैर-अनुपालन को कम करने के लिए कार्य करती हैं। ऐसे में भरोसा जगाने के लिए एक बहुत जरूरी संदेश।
हीरानंदानी ग्रुप के फाउंडर और एमडी निरंजन हीरानंदानी ने बजट में सोलर पॉवर को बढ़ावा देने को बजट में शामिल करने को एक अच्छा कदम बताया है। हीरानंदानी ने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में इकॉनोमी का बहुत साफ खाका खींचा है। लेकिन हर सेक्टर को दिया गया फंड पर्याप्त नहीं है। इससे सुस्ती से निकलना आसान नहीं होगा।

