नई दिल्ली। भाजपा में रहते नाबालिग से बलात्कार करने वाले पार्टी से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर को तीस हजारी कोर्ट ने दोषी करार दिया है। साथ ही अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को नाबालिग माना है। सजा पर बहस 19 दिसंबर को होगी। कोर्ट ने महिला आरोपी शशि सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है। जज धर्मेश शर्मा की अदालत ने फैसला सुनाया तो कुलदीप सिंह सेंगर और शशि सिंह कोर्ट रूम में रोने लगे।
उल्लेखनीय है कि तीस हजारी अदालत में गत पांच अगस्त को इस मामले की सुनवाई शुरू हुई थी और 9 अगस्त को दोनों आरोपितों पर आरोप तय किए गए थे। करीब 5 माह तक इस कांड से जुड़े सभी मामलों को लगातार तीस हजारी अदालत में सुना जा रहा है। यह पहला मामला है, जिसमे अदालत का फैसला आया है।
आरोप है कि 4 जून, 2017 को नौकरी देने के नाम पर कुलदीप सेंगर ने साजिश रचने और दुष्कर्म करने का अपराध किया था। इसके अलावा पीड़िता के परिजनों को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी थी। इस मामले में पीड़िता की पुलिस हिरासत में मारपीट के दौरान मौत हो चुकी है जबकि एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल पीड़िता दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराई गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मामले की सुनवाई लखनऊ से दिल्ली स्थानांतरित की गई थी। सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा की अदालत 5 अगस्त से प्रतिदिन मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) की धारा 3 व 4 (नाबालिग से दुष्कर्म) और भादंसं की धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 363 (अपहरण), 366 (अपहरण एवं महिला पर विवाह के लिए दबाव डालना), 376 (दुष्कर्म) की प्रासंगिक धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब पीड़िता और उसकी मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के आवास के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की थी।
28 जुलाई को चाचा से मिलकर वापस लौटने के दौरान रायबरेली में पीड़िता, उसकी चाची, मौसी व वकील की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इसमें चाची और मौसी की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता व उसके वकील घायल हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लखनऊ से दिल्ली लाकर घायलों को एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां कई दिन तक इलाज चला। फिलहाल पीड़िता अपने परिवार के साथ दिल्ली में ही रह रही है, क्योंकि परिवार ने उन्नाव लौटने से इन्कार कर दिया था।
कुलदीप सेंगर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बना था तथा भाजपा सांसद साक्षी महाराज का करीबी है। साक्षी महाराज चुनाव जीतने के बाद कुलदीप सेंगर को धन्यवाद देने जेल में गए थे तथा जिस दिन उन्नाव में एक बलात्कार के बाद लड़की को जलाने की घटना हुई उस दिन ट्वीट करके सेंगर को जन्मदिन की बधाई दी थी। सेंगर साक्षी महाराज का काफी करीबी बताया जाता है, जिनमें अक्सर सहयोग का अदान-प्रदान होता रहा है।
कुलदीप सिंह सेंगर दोषी करार, कोर्ट ने पीड़िता को माना नाबालिग, सजा पर बहस 19 को

