ठाणे। साध्वी श्री अणिमाश्रीजी एवं साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी ठाणा 6 का वाशी से नेरुल की ओर सैकड़ो भाई-बहनों के साथ विहार हुआ। दस किमी का विहार के सैकड़ो लोगो के साथ साध्वी वृन्द का अर्जुन सिंघवी के निवास स्थान पर पदार्पण हुआ। नवी मुम्बई के महापौर जयवंत सुथार, पूर्व महापौर शशिकांत विराजदार, सभागृह नेता रविन्द्र इथापे, पूर्व खासदार संजीव नाईक, स्वच्छता मिशन कमेटी की चेयरमेन नेत्रा सिरके नगरसेविका, नगरसेवक गिरीश मात्रे, परिवहन समिति सभापति प्रदीप गवस आदि अनेक विशिष्ट व्यक्तियों ने साध्वी श्रीजी की सेवा उपासना एवं प्रवचन का लाभ लिया।
साध्वी अणिमाश्रीजी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा म. महावीर ने संतो की पदयात्रा को प्रशस्त चर्चा के रूप में स्वीकार किया है। विहार चर्चा आत्मकल्याण के साथ-साथ पर कल्याण में भी उपयोगी है। अनेक अनेक व्यक्तियों से सीधा संपर्क सहज ही हो जाता है। गांव-गांव, नगर-नगर, डगर-डगर का स्पर्श करते हुए संत जन घर-घर अध्यात्म की अलख जगाते है। प्रवचन प्रेरणा आदि के माध्यम से जन-जन को अध्यात्म की मंदाकिनी में अभीस्वात होने का अवसर उपलब्ध होता है। भाई अर्जुन सिंघवी की नवी मुम्बई में अच्छी पकड़ है। राजनेताओं से अच्छा सपर्क एवं घरेलू संबध है। अनेक व्यक्तियों ने दर्शन सेवा का लाभ लिया एवं व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया। रीना जाजू ने गुरु धारणा स्वीकार कर कर्मणा जैन बनी है।
साध्वी मंगलप्रज्ञाजी का भी मार्मिक प्रवचन हुआ। अर्जुन सिंघवी, जितेंद्र बरलोटा, अभातेयुप के राष्ट्र उपाध्यक्ष महेश बाफना, बाबुलालजी बाफना ने विचार व्यक्त किए। मुंबई सभाध्यक्ष नरेंद्र तातेड़ व विमल सोनी ने भावपूर्ण विदाई गीत की प्रस्तुति दी।
नवी मुंबई महापौर एवं पूर्व खासदार सहित अनेक लोगो ने साध्वी वृन्द का दर्शन लाभ लिया

