मुम्बई। राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्रानन सागर सुरीश्वर जी महाराज एवम मुनि वृन्द का साध्वी श्री विश्व वंदना जी साध्वी श्री परमेष्ठि वंदना जी महाराज साध्वी, श्री कल्पिता श्री जी, साध्वी श्री चारुता श्री जी के साथ आध्यात्मिक मिलन हुआ। साध्वी श्री विश्व वंदना जी ने जैन एकता को एक सूत्र में बांधने पर चर्चा की ।
साध्वी श्री विश्व वंदना जी ने धर्म से विमुख हो रही युवा पीढ़ी को जागृत होने की बात कही। आचार्य श्री चन्द्रानन सागर सुरीश्वर जी ने धाम में चल रही गतिविधियों से अवगत कराया। साध्वी श्री कल्पिता श्री जी ने सभी जैन एक मंच पर एकत्रित होना चाहिए क्योंकि संगठन में शक्ति है।
साध्वी श्री चारुता श्री ने कृतज्ञता के स्वर की अभिव्यक्ति दी।
इस अवसर पर मुनि श्री हरिश्चंद्र सागर जी मुनि श्री पुष्पचन्द सागर जी मुनि श्री मनन चंद सागर जी साध्वी श्री आशिता श्री जी साध्वी श्री ऋषिता श्री जी भी उपस्थित थे। अनुव्रत जीवन विज्ञान अकादमी के राष्ट्रीय संयोजक प्यारचंद मेहता ने भी विचार रखे ।।
प्रमोद सुर्या के अनुसार वर्षावास की समाप्ति के बाद गुरु भागवत का बिहार प्रारंभ हो गए है प्रतिदिन श्री नाकोडा धाम में विभिन्न साधु साध्वी यहाँ पधार रहे ओर इस विशाल रमणीय धर्म परिसर की मुक्त कंठ से सराहना कर रहे है। इस अवसर गणमान्य महानुभाव उपस्थित थे।
नाकोड़ा धाम में हुआ तीन धाराओं का आध्यात्मिक मिलन

